भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च ₹1.89 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.5% अधिक है। इस वृद्धि के पीछे लगभग 7.6 लाख नए क्रेडिट कार्डों का निर्गम मुख्य कारण रहा।
मुख्य बिंदु:
कुल खर्च: ₹1.89 लाख करोड़
(महीना-दर-महीना: 2.7% वृद्धि, वर्ष-दर-वर्ष: 14.5% वृद्धि)
नए क्रेडिट कार्ड जारी: 7.6 लाख (मई 2025 में)
कुल कार्ड सर्कुलेशन: 11.11 करोड़ (YoY: 7.64% वृद्धि)
पीक खर्च: मार्च 2025 में ₹2 लाख करोड़ से अधिक
HDFC बैंक
खर्च: ₹51,747 करोड़ (↑25% YoY)
नए कार्ड: 2,74,819
ICICI बैंक
खर्च: ₹34,515 करोड़ (↑8% YoY)
कार्डों में कमी: 31,645
SBI कार्ड्स
खर्च: ₹32,389 करोड़ (↑22.8% YoY)
नए कार्ड: 1,26,772
Axis बैंक
खर्च: ₹22,455 करोड़ (↑16.79% YoY)
नए कार्ड: 1,05,590
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा: नकदी पर निर्भरता घटाना
वित्तीय समावेशन: अधिक लोगों तक औपचारिक क्रेडिट की पहुँच
उपभोक्ता सुविधा: कैशलेस और क्रेडिट आधारित खरीदारी में सुविधा
आर्थिक गतिविधियों का संकेत: मजबूत मांग और डिजिटल लेनदेन का विस्तार
निष्कर्ष:
मई 2025 में भारत का क्रेडिट कार्ड खर्च बढ़ना उपभोक्ता आत्मविश्वास, डिजिटल अर्थव्यवस्था की प्रगति, और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। यह रुझान भविष्य में और अधिक डिजिटल और कैशलेस भारत की ओर संकेत करता है।
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