CPCB ने उद्योगों के वर्गीकरण में संशोधन कर नई श्रेणी शुरू की

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण को सरल बनाने और पर्यावरणीय सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने उद्योगों के लिए एक नया वर्गीकरण लागू किया है। इस संशोधित श्रेणीकरण में “आवश्यक पर्यावरणीय सेवाओं” (Essential Environmental Services – EES) के लिए एक नई ‘ब्लू श्रेणी’ बनाई गई है। इस ब्लू श्रेणी में वे उद्योग शामिल हैं जो पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में सीधे योगदान करते हैं, जैसे वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र, बायोमाइनिंग इकाइयाँ, और कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र। इन उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण की मंज़ूरी (consent) की अवधि लंबी दी जाएगी, जिससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य है कि ऐसे उद्योग जो प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं, उन्हें बेहतर नियमन और प्रोत्साहन के साथ सतत और पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली के लिए प्रेरित किया जा सके।

प्रमुख बिंदु

ब्लू श्रेणी की शुरुआत

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने आवश्यक पर्यावरणीय सेवाएं प्रदान करने वाले उद्योगों के लिए एक नई ‘ब्लू श्रेणी’ शुरू की है। इस श्रेणी में शामिल हैं:

  • वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र

  • कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र – जो नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, कृषि अवशेष, ऊर्जा फसलें और खरपतवार जैसे स्रोतों पर आधारित हों

  • बायोमाइनिंग कार्य

  • पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में सहायक यूटिलिटी सेवाएं (जैसे लैंडफिल प्रबंधन)

अनुमति वैधता 

ब्लू श्रेणी के उद्योगों को अन्य श्रेणियों की तुलना में 2 वर्ष अतिरिक्त संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिससे कुल वैधता अवधि 7 वर्ष हो जाती है।

यह प्रोत्साहन इन उद्योगों की पर्यावरण प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है।

प्रदूषण सूचकांक (Pollution Index – PI) वर्गीकरण

  • रेड श्रेणी: PI > 80 (उच्च प्रदूषण क्षमता)

  • ऑरेंज श्रेणी: 55 ≤ PI < 80 (मध्यम प्रदूषण)

  • ग्रीन श्रेणी: PI ≤ 25 (कम प्रदूषण)

  • ब्लू श्रेणी: आवश्यक पर्यावरणीय सेवाओं के लिए विशेष रूप से नई श्रेणी

वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र, जिनका PI 97.6 है और तकनीकी रूप से रेड श्रेणी में आते हैं, उन्हें उनके सेवा योगदान के आधार पर ब्लू श्रेणी में शामिल किया गया है।

CBG संयंत्र जो कृषि अपशिष्ट, नगरपालिका कचरे या ऊर्जा फसलों का उपयोग करते हैं, वे ब्लू श्रेणी में आते हैं।

जबकि वे संयंत्र जो औद्योगिक या प्रोसेस अपशिष्ट पर आधारित हैं, रेड श्रेणी में बने रहेंगे।

पुष्टि और प्रोत्साहन (Verification and Incentives)

जो उद्योग पर्यावरणीय प्रबंधन के उपायों को सफलतापूर्वक लागू करते हैं और समिति द्वारा सत्यापित होते हैं, वे प्रोत्साहन के पात्र होंगे:

  • संचालन की अनुमति की वैधता बढ़ाई जाएगी।

  • पर्यावरणीय मानकों का पालन करने वाले उद्योगों को विशेष लाभ दिए जाएंगे।

पर्यावरण मंज़ूरी प्रक्रिया में बदलाव

  • अब जिन उद्योगों को पर्यावरणीय मंज़ूरी (Environmental Clearance – EC) प्राप्त है, उन्हें स्थापना की सहमति (Consent to Establish – CTE) की आवश्यकता नहीं होगी। इससे प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी।

  • व्हाइट श्रेणी के उद्योग: न तो CTE और न ही संचालन की सहमति (CTO) की आवश्यकता।

यह पहल पर्यावरणीय सेवाओं से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण-संवेदनशील विनियमन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

विषय विवरण
समाचार में क्यों? CPCB ने उद्योगों की श्रेणी में संशोधन किया
नई श्रेणी आवश्यक पर्यावरणीय सेवाओं (Essential Environmental Services) के लिए ब्लू श्रेणी
शामिल उद्योग – वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स
– कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र
– बायोमाइनिंग
ब्लू श्रेणी के प्रोत्साहन – सहमति की वैधता दो वर्ष अधिक
– कुल 7 वर्षों की सहमति वैधता
प्रदूषण सूचकांक (PI) – रेड (PI > 80) – उच्च प्रदूषण क्षमता
– ऑरेंज (55 ≤ PI < 80) – मध्यम प्रदूषण
– ग्रीन (PI ≤ 25) – कम प्रदूषण
– ब्लू – कम प्रदूषण वाले आवश्यक पर्यावरणीय सेवा उद्योग
प्रमुख बदलाव – कृषि अपशिष्ट और ऊर्जा फसलों पर आधारित CBG संयंत्र ब्लू श्रेणी में
– उच्च PI के बावजूद वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों को ब्लू श्रेणी में रखा गया
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vikash

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