सी. पी. राधाकृष्णन ने 12 सितम्बर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राधाकृष्णन देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हुए।
राधाकृष्णन एनडीए (NDA) के उम्मीदवार थे।
उन्होंने 452 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।
विपक्षी उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 मत मिले।
एनडीए के पास कागज़ों पर 427 सांसदों का समर्थन था, लेकिन वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) के 11 सांसदों ने भी राधाकृष्णन के पक्ष में मतदान किया।
उन्हें कुल 14 अतिरिक्त वोट मिले, जिससे विपक्षी खेमे में क्रॉस-वोटिंग की अटकलें लगाई जा रही हैं।
स्थान: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
शपथ दिलाने वालीं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
प्रमुख उपस्थित अतिथि:
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (पद छोड़ने के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति)
पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राधाकृष्णन को बधाई दी और आशा जताई कि वे भारत के संवैधानिक मूल्यों को और मज़बूती देंगे।
यह विजय एनडीए की शीर्ष संवैधानिक पदों पर पकड़ को और सुदृढ़ करती है।
राधाकृष्णन की इस उन्नति को कई लोग “कोयंबटूर के वाजपेयी” क्षण कह रहे हैं, जो उनकी लंबे समय से पार्टी की विचारधारा और सुशासन के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
पद: भारत के 15वें उपराष्ट्रपति
नाम: सी. पी. राधाकृष्णन
तिथि: 12 सितम्बर 2025
स्थान: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
चुनाव परिणाम:
राधाकृष्णन (452 वोट)
बी. सुदर्शन रेड्डी (300 वोट)
राजनीतिक पहचान: “कोयंबटूर के वाजपेयी”
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