जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिश करने वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट के लिए हाई कोर्ट के 5 जजों के नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं। इनमें राजस्थान, मणिपुर, इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक-एक जज और पटना हाईकोर्ट के दो जज शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन नामों की सिफारिश की है उनमें जस्टिस पंकज मित्तल, संजय करोल, पीवी संजय कुमार, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और मनोज मिश्रा के नाम हैं।
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जस्टिस पंकज मित्तल राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं, जस्टिस संजय करोल पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं, जस्टिस पीवी संजय कुमार मणिपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, पटना हाई कोर्ट के जज हैं और जस्टिस मनोज मिश्रा इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज हैं।
12 दिसंबर 2022 को जस्टिस दत्ता के शपथ ग्रहण के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 28 हो गई है, जहां अब 6 पद खाली हैं। शीर्ष अदालत में प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों के 34 स्वीकृत पद हैं और 4 जनवरी को न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की सेवानिवृत्ति के साथ यह संख्या घटकर फिर से 27 हो जाएगी। वर्तमान में 28 न्यायाधीशों में से 9 न्यायाधीश 2023 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कॉलेजियम में आमतौर पर प्रधान न्यायाधीश और 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं, लेकिन इसमें बदलाव आया है और अब इसमें न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को जगह मिलने के साथ 6 सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत परिसर में करीब दो घंटे तक चली कॉलेजियम की बैठक में कई नामों पर विचार-विमर्श किया गया।
अगले साल जनवरी में न्यायमूर्ति नज़ीर के सेवानिवृत्त होने के साथ ही न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी छह सदस्यीय कॉलेजियम का हिस्सा बन जाएंगे। न्यायमूर्ति खन्ना 11 नवंबर, 2024 को प्रधान न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की जगह लेने के लिए कतार में हैं।
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