शीत मरुस्थलीय जीवमंडल और नए रामसर स्थल: भारत की संरक्षण में छलांग

भारत ने दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। पहली, हिमाचल प्रदेश स्थित शीत मरुस्थल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को यूनेस्को के विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में शामिल किया गया। दूसरी, बिहार में दो नई आर्द्रभूमियों – गोकुल जलाशय और उदयपुर झील – को रामसर स्थल का दर्जा मिला, जिससे भारत में ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की संख्या 93 हो गई। ये उपलब्धियाँ जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र के लचीलेपन और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती हैं।

कोल्ड डेज़र्ट बायोस्फीयर रिज़र्व का UNESCO में शामिल होना

पारिस्थितिक महत्व
हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में स्थित कोल्ड डेज़र्ट बायोस्फीयर रिज़र्व लगभग 7,770 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसकी ऊँचाई 3,300 से 6,600 मीटर के बीच है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊँचे ठंडे रेगिस्तान पारिस्थितिक तंत्रों में से एक बनाती है। यह क्षेत्र अपने आल्पाइन मैदानों, ग्लेशियल झीलों, पवन-प्रवाहित पठारों, और पिन वैली नेशनल पार्क व किब्बर वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे संरक्षित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है।

जैव विविधता और मानव उपस्थिति
इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं:

  • लगभग 30 अंतःस्थलीय पौधों की प्रजातियाँ

  • प्रमुख जीव-जंतु जैसे स्नो लेपर्ड, ब्लू शीप, हिमालयन आइबेक्स, और हिमालयन वुल्व्स

  • लगभग 12,000 निवासी, जो परंपरागत रूप से याक और बकरी चराई, लघु पैमाने की कृषि, और हर्बल चिकित्सा पर निर्भर हैं

UNESCO मान्यता और प्रभाव
कोल्ड डेज़र्ट भारत का 13वाँ बायोस्फीयर रिज़र्व बन गया जो UNESCO नेटवर्क में शामिल हुआ। यह मान्यता वैश्विक जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है और अनुसंधान, संरक्षण निधि, और समुदाय-आधारित सतत विकास के अवसर खोलती है। यह भारत के उच्च-ऊँचाई वाले पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा के प्रयासों को मजबूत करती है, जो जलवायु परिवर्तन और पर्यटन-संबंधित दबाव के प्रति संवेदनशील हैं।

बिहार में दो नई रामसर साइट्स
आर्द्रभूमि प्रोफाइल
भारत में रामसर साइट्स की कुल संख्या अब 93 हो गई है, जिनमें हाल ही में शामिल हुईं:

  • गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर), बक्सर जिला

  • उदयपुर झील (319 हेक्टेयर), पश्चिम चंपारण जिला

ये आर्द्रभूमियाँ प्रवासी पक्षियों, जलीय जैव विविधता और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उदयपुर झील उदयपुर वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा भी है, जो इसकी पारिस्थितिक महत्ता को और बढ़ाता है।

राष्ट्रीय और वैश्विक स्थिति
अब 93 आर्द्रभूमियाँ रामसर कन्वेंशन के तहत हैं, जिससे भारत विश्व स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण में तीसरे स्थान पर है। रामसर साइट्स का विस्तार आर्द्रभूमियों की भूमिका—जलवायु लचीलापन, जल विनियमन और पारिस्थितिक स्वास्थ्य—की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है।

मुख्य तथ्य

  • 13वाँ UNESCO बायोस्फीयर रिज़र्व: कोल्ड डेज़र्ट, हिमाचल प्रदेश

  • ऊँचाई: 3,300–6,600 मीटर; क्षेत्रफल: ~7,770 वर्ग किलोमीटर

  • नई रामसर साइट्स: गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर), उदयपुर झील (319 हेक्टेयर)

  • भारत में कुल रामसर साइट्स: 93

  • मुख्य ध्यान: जैव विविधता संरक्षण, जलवायु लचीलापन, सतत आजीविका

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago