कोचीन शिपयार्ड ने जहाज निर्माण को बढ़ावा देने हेतु एचडी कोरिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

आत्मनिर्भर भारत दृष्टि और भारत की समुद्री विकास रणनीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने एचडी कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (HD KSOE) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह दीर्घकालिक साझेदारी भारत की जहाज निर्माण क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और आर्थिक एवं सामरिक आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

यह समझौता 20 सितंबर 2025 को गुजरात के भावनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित उच्च-स्तरीय कार्यक्रम “समुद्र से समृद्धि – ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’स मरीटाइम सेक्टर” के दौरान संपन्न हुआ।

CSL–HD कोरिया सहयोग: एक सामरिक छलांग

  • इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और शंतनु ठाकुर, ह्युंदई के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जंग चांगिन तथा कोचीन शिपयार्ड के सीएमडी मधु एस. नायर उपस्थित थे।

  • साझेदारी का उद्देश्य CSL की जहाज निर्माण परंपरा और अधोसंरचना को HD KSOE की उन्नत तकनीकी क्षमताओं से जोड़ना है।

  • जनवरी 2024 में उद्घाटित CSL का 310 मीटर ड्राई डॉक बड़े वाणिज्यिक जहाजों जैसे सूएज़मैक्स टैंकर, कंटेनर शिप और केपसाइज बल्क कैरियर बनाने के लिए इस्तेमाल होगा, जिसकी वार्षिक क्षमता 6 जहाजों तक होगी।

कोच्चि में विशाल निवेश: ब्लॉक फैब्रिकेशन फैसिलिटी

  • इस स्तर के संचालन को समर्थन देने के लिए CSL कोच्चि में 80 एकड़ में फैली ब्लॉक फैब्रिकेशन फैसिलिटी (BFF) स्थापित करेगा।

  • इसकी वार्षिक क्षमता 1,20,000 मीट्रिक टन होगी।

  • ₹3,700 करोड़ के निवेश से बनने वाली यह सुविधा 2,000 प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियां (लॉजिस्टिक्स, MSMEs और सप्लाई चेन) उत्पन्न करेगी।

  • यह सुविधा जहाज निर्माण की दक्षता बढ़ाएगी, समयसीमा घटाएगी और घरेलू व वैश्विक बाज़ारों के लिए अगली पीढ़ी के जहाज तैयार करने में मदद करेगी।

तमिलनाडु में ₹15,000 करोड़ का नया शिपयार्ड: 10,000 नौकरियां

  • CSL ने तमिलनाडु में ₹15,000 करोड़ की लागत से एक ग्रीनफील्ड शिपयार्ड स्थापित करने की घोषणा की।

  • यह परियोजना 10,000 से अधिक रोजगार सृजित करेगी।

  • यह कदम मरीटाइम इंडिया विजन (MIV) 2030 और मरीटाइम अमृत काल विजन (MAKV) 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप जहाज निर्माण क्लस्टर और क्षेत्रीय समुद्री उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने की दिशा में है।

मुख्य बिंदु

  • MoU पर हस्ताक्षर 20 सितंबर 2025, भावनगर, गुजरात में “समुद्र से समृद्धि” कार्यक्रम के दौरान।

  • साझेदार: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और एचडी कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग।

  • ₹3,700 करोड़ की BFF कोच्चि में, 80 एकड़ क्षेत्रफल में।

  • तमिलनाडु में ₹15,000 करोड़ का नया शिपयार्ड, 10,000 नौकरियां सृजित करेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago