भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने चालू वित्त वर्ष अर्थात् वित्त वर्ष 2021-22 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 9.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है. यह GDP को उस स्तर पर ले जाएगा, जो वित्त वर्ष 2020 की तुलना में थोड़ा अधिक है. बढ़ते चिकित्सा व्यय ने आय और मांग को कम कर दिया है. लेकिन रिकवरी, कार्ड पर है. वैश्विक विकास और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता व्यापार और निवेश प्रवाह का समर्थन करेगी.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' (PaRRVA) को…
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी 'महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति…
सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को एक केस की सुनवाई के दौरान मौलिक अधिकारों…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) 'E-PRAAPTI' नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा…
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आपदा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए संशोधित दिशानिर्देश पेश…
भारत और श्रीलंका ने 21 से 28 अप्रैल तक कोलंबो में द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास 'IN–SLN…