भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने चालू वित्त वर्ष अर्थात् वित्त वर्ष 2021-22 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 9.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है. यह GDP को उस स्तर पर ले जाएगा, जो वित्त वर्ष 2020 की तुलना में थोड़ा अधिक है. बढ़ते चिकित्सा व्यय ने आय और मांग को कम कर दिया है. लेकिन रिकवरी, कार्ड पर है. वैश्विक विकास और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता व्यापार और निवेश प्रवाह का समर्थन करेगी.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]सुप्रीम कोर्ट ने दत्तक (गोद लेने वाली) माताओं के लिए मातृत्व अवकाश पर लगी उम्र…
भारत ने दुनिया के सबसे बड़े नारियल उत्पादक देश के रूप में अपनी स्थिति और…
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के…
भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है, जो देश के…
महाराष्ट्र विधानसभा ने ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य…
ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन विधेयक 2026 संसद में पेश किया गया है। यह विधेयक 2019 के…