Categories: Defence

चीन के परमाणु शस्त्रागार का निर्माण: यूएस पेंटागन रिपोर्ट

पेंटागन की 2023 रिपोर्ट से ज्ञात होता है कि चीन तेजी से अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार कर रहा है, जो पूर्व के अनुमानों से कहीं अधिक है। चीन का लक्ष्य 2030 तक 1,000 से अधिक परमाणु हथियार बनाने का है।

यू. एस. पेंटागन ने चीन की सैन्य शक्ति पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें संकेत दिया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियार शस्त्रागार का विस्तार पूर्व के अनुमान से कहीं अधिक तेज गति से कर रहा है। यह रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि चीन ताइवान से संबंधित संभावित परिदृश्यों के लिए यूक्रेन में रूस के संघर्ष से सबक ले सकता है। यहां मुख्य बिंदुओं का विवरण दिया गया है:

त्वरित परमाणु शस्त्रागार विकास

  • पेंटागन की रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि चीन की परमाणु शक्ति में तीव्र गति वृद्धि हो रही है।
  • पिछले वर्ष, यह भविष्यवाणी की गई थी कि चीन 2035 तक अपने परमाणु हथियारों की संख्या लगभग चार गुना बढ़ाकर 1,500 कर सकता है।
  • 2023 की रिपोर्ट बताती है कि चीन 2030 तक 1,000 से अधिक परमाणु हथियार बनाने की राह पर है।
  • चीन का लक्ष्य 2049 तक अपनी सेना को “विश्वस्तरीय” बनाने के लिए आधुनिकीकरण करना है।

“पहले उपयोग न करने की नीति”

  • चीन परमाणु हथियारों के लिए “पहले उपयोग न करने” की नीति का पालन करता है, परंतु, अमेरिका ऐसी नीति का पालन नहीं करता है।
  • पेंटागन ने चीन के रुख में कोई परिवर्तन नहीं देखा है लेकिन ध्यान दिया है कि कुछ परिस्थितियों में अपवाद हो सकते हैं।

ताइवान पर सैन्य दबाव

  • चीन ताइवान पर सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाता रहा है।
  • इसमें बैलिस्टिक मिसाइलों की ओवरफ़्लाइट, ताइवान के रक्षा क्षेत्र में युद्धक विमानों की बढ़ती घुसपैठ और ताइवान को घेरने वाले बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास सम्मिलित हैं।
  • चीन ने आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग से भी ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने की इच्छा प्रकट की है।

ताइवान को यू. एस. समर्थन

  • अमेरिका ने संभावित आक्रामकता के खिलाफ अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ताइवान को पर्याप्त सैन्य सहायता प्रदान की है।

चीन का रक्षा बजट

  • 2023 में चीन का सैन्य खर्च कथित तौर पर 7.2% बढ़कर $216 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो उसकी आर्थिक वृद्धि से अधिक है।
  • कुछ सूत्रों का सुझाव है कि वास्तविक खर्च अधिक हो सकता है।
  • चीन का कहना है कि उसकी सैन्य नीति रक्षात्मक है।

क्षेत्रीय तनाव और यू. एस. गतिविधियाँ

  • चीन इस क्षेत्र में तेजी से मुखर हो रहा है। चीन, यू. एस. सैन्य उड़ानों को रोक रहा है और सैन्य अभ्यास कर रहा है।
  • रिपोर्ट में 180 से अधिक उदाहरणों पर प्रकाश डाला गया है जहां चीनी विमानों ने आक्रामक तरीके से यू. एस. सैन्य उड़ानों को रोका।

                                                               Find More International News Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
prachi

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

19 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

20 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

21 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

21 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

22 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

23 hours ago