भारत में 70 साल बाद फिर से चीतों की वापसी होगी। देश से लुप्त हो चुके चीतों को नामीबिया से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में छोड़ा जाएगा। नामीबिया की राजधानी विंडहोक से आठ चीते भारत आ रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। चीते विशेष मालवाहक विमान से लाए जा रहे हैं, जो विशेष रूप से बोइंग 747 को तैयार करके बनाया गया है। इस विमान पर चीते का मुंह प्रिंट किया गया है।
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देश में 1952 में विलुप्त घोषित किए जा चुके हैं चीते। अंतिम चीते की मौत 1947 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुई थी।नामीबिया से आ रहे चीतों को सुरक्षा के मद्देनजर वैक्सीन लगाई गई है। साथ ही सैटेलाइट कॉलर भी पहनाया गया है। भारत में चीतों को राष्ट्रीय उद्यान में एक महीने के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। लगातार कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। बाद में संरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। अफ्रीका में भारत की तरह ही सर्दी, गर्मी तथा बारिश का मौसम रहता है। चीतों को जिंदा रहने के लिए दो महत्वपूर्ण परिस्थितियों की आवश्यकता होती है।
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