Categories: Uncategorized

चाबहार पोर्ट के INSTC के साथ जुड़ने से मध्य एशिया में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

पोर्ट, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को कहा कि ईरान में स्थित चाबहार पोर्ट का अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के साथ जुड़ाव होने से मध्य एशियाई देशों के साथ संपर्क सुविधा बढ़ेगी जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध भी मजबूत होंगे। 31 जुलाई, 2022 को, सर्बानंद सोनोवाल (केंद्रीय जहाजरानी मंत्री) और श्रीपद नाइक (शिपिंग राज्य मंत्री) द्वारा मुंबई में चाबहार दिवस सम्मेलन का शुभारंभ किया गया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

प्रमुख बिंदु:

  • सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि उद्यम और रसद कंपनियां शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह और चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के प्रोत्साहन का उपयोग करेंगी।
  • बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने आगे सभी प्रतिनिधियों और हितधारकों को भारत से ईरान और मध्य एशिया के लिए अधिक किफायती, तेज और भरोसेमंद मार्ग बनाने के लिए पारगमन समय और लागत में और कटौती करने के लिए विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया।
  • घोषणा में कहा गया है कि इस अवसर के दौरान, मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे चाबहार और आईएनएसटीसी के बीच संबंध अपने क्षेत्रों में एक्जिम व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं और भूमि से घिरे राष्ट्रों में विकास को और तेज करने की क्षमता रखते हैं।

भारत के लिए चाबहार बंदरगाह का महत्व:

  • चाबहार बंदरगाह को भारत की मदद से ही विकसित किया गया है और यह मध्य एशिया में वाणिज्यिक आवागमन का केंद्र है। भारत ईरान सरकार के साथ मिलकर चाबहार बंदरगाह में एक टर्मिनल के विकास में भी मदद दे रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) भारत की संकल्पना है और इस पहल का उद्देश्य आयात-निर्यात के रूस और यूरोप तक पहुंचने और मध्य एशियाई बाजारों में प्रवेश में लगने वाले समय को कम करना है।
  • गौरतलब है कि चाबहार पोर्ट से भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान की दूरी बहुत कम है।
  • चाबहार पोर्ट दक्षिण-पूर्व ईरान में ओमान की खाड़ी के नजदीक स्थित है। यहां से भारत में व्यापार के लिए माल भेजने में समय और किराया कम लगेगा।
  • अभी जलमार्ग से भारत से किर्गिस्तान माल आने में इस समय 30-45 दिन का समय लगता है। चाबहार पोर्ट शुरू होने पर यह समय कम होकर 14 से 15 दिन हो जाएगा। इसके कारण माल भाड़ा भी कम लगेगा।

Find More Summits and Conferences Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

8 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

9 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

10 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

10 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

11 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

12 hours ago