भारत में जनगणना की अधिसूचना जारी, 2027 में होगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी जनगणना 2025 की तैयारियों की समीक्षा की, जो गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा 16 जून, 2025 को औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद शुरू होने वाला दो-चरणीय राष्ट्रीय कार्य है। कोविड-19 महामारी के कारण विलंबित दशकीय जनगणना में अब डिजिटल डेटा संग्रह, स्व-गणना विकल्प और पहली बार जाति गणना की सुविधा होगी, जो 1 मार्च, 2027 तक पूरी होगी।

समाचार में क्यों?

गृह मंत्रालय (MHA) 16 जून 2025 को जनगणना 2025 की अधिसूचना जारी करेगा, जिससे भारत की पहली डिजिटल और जाति-आधारित जनगणना की औपचारिक शुरुआत होगी। यह दो चरणों में होने वाला राष्ट्रीय अभ्यास 2027 तक पूरा किया जाएगा और इसमें जनसांख्यिकीय डेटा, निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन और कल्याणकारी योजनाओं की योजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सूचनाएँ एकत्रित की जाएँगी।

मुख्य विशेषताएँ

  • अधिसूचना तिथि: 16 जून 2025

  • संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027 की आधी रात (12 बजे)

  • समापन समयसीमा: मार्च 2027 तक पूरी प्रक्रिया पूर्ण

पैमाना और मानव संसाधन

  • कुल कार्यबल: लगभग 34 लाख गणनाकर्मी और पर्यवेक्षक

  • जनगणना अधिकारी: लगभग 1.3 लाख अधिकारी

दो चरणों में जनगणना

  1. हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO):
    मकानों, संपत्तियों और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करना

  2. जनसंख्या गणना (PE):
    जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी एकत्र करना

प्रौद्योगिकी और डेटा सुरक्षा

  • भारत की पहली डिजिटल जनगणना

  • मोबाइल एप्लिकेशन द्वारा रीयल-टाइम डेटा एंट्री

  • नागरिकों के लिए स्वयं गणना (Self-enumeration) का विकल्प (ऑनलाइन पोर्टल/ऐप के माध्यम से)

  • डेटा संग्रह, प्रसारण और संग्रहण के लिए सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल

जाति आधारित गणना

  • पहली बार, जनसंख्या गणना चरण में जातिगत जानकारी आधिकारिक रूप से एकत्र की जाएगी

  • कैबिनेट से स्वीकृति: 30 अप्रैल 2025

  • नीति निर्माण, सामाजिक न्याय कार्यक्रमों, और डेटा आधारित शासन के लिए अत्यंत आवश्यक

शासन में महत्व

  • संवैधानिक महत्व: 2026 के बाद की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों के नए परिसीमन के लिए उपयोग

  • 2029 के आम चुनावों से पहले नए परिसीमन अभ्यास के लिए यह डेटा अहम

  • पिछली जनगणना 2011 में हुई थी; 2021 की जनगणना COVID-19 के कारण स्थगित हुई थी

नेतृत्व और निगरानी

  • समीक्षा की अध्यक्षता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

  • उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी:

    • गोविंद मोहन, केंद्रीय गृह सचिव

    • मृतुंजय कुमार नारायण, रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (RGI)

    • गृह मंत्रालय एवं Registrar General of India (RGI) कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी

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vikash

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