CDS ने प्रथम त्रि-सेवा अकादमिक प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (टी-एसएटीएस) का उद्घाटन किया

भारत की रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए, चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने 22 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में प्रथम त्रि-सेवाएं अकादमिक प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (T-SATS) का उद्घाटन किया। यह आयोजन अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें भारतीय सशस्त्र सेनाएँ, शैक्षणिक संस्थान और अनुसंधान एवं विकास (R&D) संगठन एक साथ आकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अगली पीढ़ी की स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास करेंगे। इसका थीम था – “विवेक व अनुसंधान से विजय”, जो आधुनिक और भविष्य के युद्ध की जटिलताओं से निपटने हेतु संपूर्ण राष्ट्र-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

टी-सेट्स का उद्देश्य और दृष्टि

रक्षा-अकादमिक नवाचार सेतु का निर्माण
मुख्य लक्ष्य सेनाओं और शैक्षणिक जगत के बीच अनुसंधान व विकास (R&D) में सामंजस्य स्थापित करना है। इसके अंतर्गत –

  • शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को सैन्य आवश्यकताओं में योगदान हेतु प्रोत्साहित करना।

  • सहयोगी प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना।

  • महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशीकरण तेज करना।

जनरल चौहान ने बल दिया कि आधुनिक युद्ध अब साइबर युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हथियार, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी पारंपरिक और अप्रत्यक्ष चुनौतियों के मेल से संचालित हो रहा है, जिसके लिए उच्च-प्रौद्योगिकी समाधान आवश्यक हैं।

संगोष्ठी की प्रमुख विशेषताएँ

प्रतिभाग और दायरा

  • 62 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया, जिनमें IISc, IITs, IIITs और कई निजी तकनीकी विश्वविद्यालय शामिल थे।

  • निदेशक, संकाय प्रमुख और छात्र सैन्य व द्वि-उपयोगी अनुप्रयोगों के लिए तैयार नवाचार प्रदर्शित कर रहे थे।

प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

  • 43 नवोन्मेषी शैक्षणिक प्रदर्श प्रस्तुत हुए, जिनका मूल्यांकन त्रि-सेवाओं के विशेषज्ञों (SMEs) ने किया।

  • चयनित प्रौद्योगिकियों को भविष्य में R&D सहयोग और वित्तपोषण मिलेगा।

  • यह मंच भारतीय शिक्षा जगत से रक्षा-उपयोगी नवाचार पहचानने का अवसर बना।

संस्थागत सहयोग व समझौते

कई प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए, जिनमें शामिल हैं –

  • आईआईटी मद्रास

  • राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU)

  • मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी

  • गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

  • एमएस रामैया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज

  • अजीन्क्या डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी

  • ओरिएंटल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

  • निर्मा यूनिवर्सिटी

  • राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (NRDC)

इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा-केंद्रित शोध ढाँचा स्थापित करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और सशस्त्र सेनाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुप्रयुक्त अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।

स्थिर तथ्य

  • चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ (सीडीएस) भारत का वरिष्ठतम वर्दीधारी अधिकारी है, जो त्रि-सेवाओं के एकीकरण का दायित्व निभाता है।

  • भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत थे (2020 में नियुक्त)।

  • मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली उच्च-स्तरीय सैन्य आयोजनों का प्रमुख स्थल है।

  • iDEX (Innovations for Defence Excellence) रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय के अधीन है।

  • डीआरडीओ, iDEX और DIO भारत में रक्षा R&D को बढ़ावा देने वाली प्रमुख एजेंसियाँ हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

2025 में महिलाओं के लिए सबसे अच्छा शहर रहा बेंगलुरु, जानें दूसरे नंबर पर कौन?

देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…

49 mins ago

केयी पन्योर बना भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’

अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…

2 hours ago

तमिलनाडु ने भारत की पहली डीपटेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की

भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…

2 hours ago

पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 94 साल की उम्र में निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…

16 hours ago

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और मुख्य तथ्य

प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…

17 hours ago

आधार सेवाओं की जानकारी देने के लिए शुभंकर ‘उदय’ लॉन्च, जानें सबकुछ

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…

17 hours ago