दक्षिण अफ्रीका के ईस्टर्न केप में 85 केप गिद्धों (Gyps coprotheres) का तीन दशकों के बाद देखा जाना संरक्षणवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष रूप से दक्षिणी अफ्रीका में पाए जाने वाले ये गिद्ध पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे मृत जीवों को खाकर बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। हालांकि संरक्षण प्रयासों से इनकी आबादी स्थिर हो रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर गिद्धों को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुनरुत्थान दर्शाता है कि निरंतर संरक्षण पहल कितनी महत्वपूर्ण हैं।
केप गिद्ध और उनके संरक्षण पर मुख्य बिंदु
1. केप गिद्ध (Gyps coprotheres) के बारे में
- वैज्ञानिक नाम: Gyps coprotheres
- सामान्य नाम: केप गिद्ध
- परिवार: एक्सिपिट्रिडाए (पुरानी दुनिया के गिद्ध)
- अनन्य आवास: दक्षिणी अफ्रीका
- मुख्य भूमिका: मृत जानवरों को खाकर बीमारियों के प्रसार को रोकना
2. ईस्टर्न केप में हालिया दृश्य
- 30 वर्षों में पहली बार माउंटेन ज़ेब्रा नेशनल पार्क, स्पिट्सकोप क्रैडॉक के पास देखा गया
- 85 जंगली केप गिद्धों की उपस्थिति दर्ज
- संरक्षणवादियों ने इसे प्रजाति के पुनर्जीवन का सकारात्मक संकेत बताया
3. जनसंख्या में गिरावट और संरक्षण स्थिति
- 1980-2007: केप गिद्धों की संख्या 60-70% तक घट गई
- 2021 अनुमान: 9,600 से 12,800 वयस्क गिद्ध शेष
- IUCN स्थिति: ‘असुरक्षित’ (पहले ‘संकटग्रस्त’)
- मुख्य खतरे:
- आवासीय क्षेत्र घटने से संकट
- विषाक्तता (जानबूझकर या अनजाने में)
- बिजली की लाइनों से करंट लगना
- भोजन की कमी
4. पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्धों की भूमिका
- प्राकृतिक सफाईकर्मी जो मृत जानवरों का निपटान करते हैं
- एंथ्रेक्स, बोटुलिज्म और रेबीज जैसी घातक बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं
- आवारा कुत्तों और चूहों की संख्या को नियंत्रित करते हैं, जो बीमारियों के वाहक हो सकते हैं
5. वैश्विक ‘अफ्रीकी गिद्ध संकट’
- वैश्विक स्तर पर 23 प्रजातियों के गिद्ध पाए जाते हैं
- दो प्रमुख वर्ग:
- एक्सिपिट्रिडाए (पुरानी दुनिया के गिद्ध – 16 प्रजातियां, जिनमें केप गिद्ध शामिल हैं)
- कैथार्टिडाए (नई दुनिया के गिद्ध – 7 प्रजातियां)
- केप गिद्ध अफ्रीका में विशेष रूप से पाई जाने वाली केवल तीन गिद्ध प्रजातियों में से एक है
6. संरक्षण प्रयास और भविष्य की रणनीति
- वुलप्रो (Vulpro), एक गैर-लाभकारी संगठन, गिद्धों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है
- संरक्षण विशेषज्ञों का जोर इन उपायों पर:
- कड़े विष निषेध कानून लागू करना
- प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा
- स्थायी भोजन स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करना
- बिजली लाइनों से करंट लगने के जोखिम को कम करना
केप गिद्धों की हालिया वापसी इस बात का प्रमाण है कि सही संरक्षण प्रयासों से संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाया जा सकता है।
संक्षिप्त विवरण | विवरण |
क्यों चर्चा में? | दक्षिण अफ्रीका के ईस्टर्न केप में 30 वर्षों बाद केप गिद्ध देखे गए |
प्रजाति | केप गिद्ध (Gyps coprotheres) |
देखे जाने का स्थान | स्पिट्सकोप क्रैडॉक, माउंटेन ज़ेब्रा नेशनल पार्क के पास, दक्षिण अफ्रीका |
ईस्टर्न केप में पिछली sighting | 30 वर्षों से अधिक समय पहले |
वर्तमान जनसंख्या अनुमान (2021) | 9,600 – 12,800 वयस्क गिद्ध |
खतरे | आवासीय क्षति, विषाक्तता, करंट लगना, भोजन की कमी |
संरक्षण स्थिति | (IUCN) असुरक्षित (Vulnerable) |
पारिस्थितिकीय भूमिका | सफाईकर्मी, बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं |
संरक्षण प्रयास | विष मुक्ती उपाय, आवास पुनर्स्थापन, भोजन सुरक्षा पहल |
इस खोज का महत्व | पुनरुत्थान का सकारात्मक संकेत, संरक्षण सफलता को दर्शाता है |