हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने केप वर्ड को मलेरिया मुक्त देश घोषित किया है। केप वर्ड वर्तमान में मॉरीशस तथा अल्जीरिया के साथ अफ्रीकी क्षेत्र में WHO द्वारा प्रामाणित मलेरिया मुक्त होने वाला तीसरा देश बन गया है।
WHO द्वारा किसी देश को मलेरिया-मुक्त का प्रमाण तब दिया जाता है जब वह कम-से-कम 3 वर्षों तक संपूर्ण देश में मलेरिया के संचरण में रोकथाम दर्शाता है तथा उसके पास स्वदेशी संचरण के पुनः संचरित होने की स्थिति में उसकी रोकथाम करने वाली कार्यात्मक निगरानी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली होती है।
वैश्विक स्थिति:
मलेरिया मच्छर जनित एक जानलेवा रक्त रोग है जो प्लाज़्मोडियम परजीवियों के कारण होता है। 5 प्लाज़्मोडियम परजीवी प्रजातियाँ हैं जो मनुष्यों में मलेरिया का कारण बनती हैं और इनमें से 2 प्रजातियाँ– पी. फाल्सीपेरम (P. falciparum) और पी. विवैक्स (P. vivax), सबसे बड़ा खतरा उत्पन्न करती हैं। मलेरिया मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। किसी संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद मच्छर संक्रमित हो जाता है। इसके बाद मलेरिया परजीवी उस व्यक्ति के रक्तप्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं जिसे वह संक्रमित मच्छर काटता है। परजीवी यकृत तक पहुँचते हैं, परिपक्व होते हैं और फिर लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। मलेरिया के लक्षणों में बुखार और फ्लू जैसी बीमारी शामिल हैं, जिसमें कंपकंपी वाली ठंड, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द तथा थकान शामिल है। विशेष रूप से, मलेरिया का इलाज और इसकी रोकथाम दोनों संभव है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…
राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…
लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…
भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…