कैबिनेट ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े विधेयक को दी मंजूरी

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल गेमिंग क्षेत्र को विनियमित करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दी है। यह प्रस्तावित कानून ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देगा, जबकि ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और पैसों के खेल को दंडनीय अपराध घोषित करेगा। यह विधेयक शीघ्र ही लोकसभा में पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी, वित्तीय अपराधों और सेलिब्रिटी द्वारा भ्रामक प्रचार पर निर्णायक कार्यवाही करना है।

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक की मुख्य प्रावधान

1. ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेम्स का प्रोत्साहन

  • ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेमिंग की देखरेख के लिए नियामक प्राधिकरण की स्थापना या नामांकन।

  • ई-स्पोर्ट्स को वैध प्रतिस्पर्धी गतिविधि के रूप में मान्यता देकर भारत के गेमिंग उद्योग की वृद्धि को बढ़ावा।

2. ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध

  • ऑनलाइन सट्टेबाज़ी, जुआ या पैसों पर आधारित खेलों की पेशकश या सुविधा देना अपराध घोषित।

  • इसमें सहयोग, उकसाना या भागीदारी करवाना भी दंडनीय होगा।

3. गेमिंग विज्ञापनों पर रोक

  • ऑनलाइन मनी गेम्स को बढ़ावा देने वाले किसी भी विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध।

  • ऐसे प्लेटफ़ॉर्म का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर पर भी दंड का प्रावधान।

4. वित्तीय प्रतिबंध

  • बैंकों, वित्तीय संस्थानों या डिजिटल माध्यमों से ऑनलाइन सट्टेबाज़ी में धन हस्तांतरण पर रोक।

  • भुगतान गेटवे की कड़ी निगरानी ताकि अवैध लेन-देन रोके जा सकें।

5. प्रवर्तन और दंड

  • अधिकारियों को तलाशी, ज़ब्ती और जाँच की शक्तियाँ।

  • जुर्माने और कारावास सहित कठोर दंड, विशेषकर बार-बार अपराध करने वालों के लिए।

  • मनी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक करने का प्रावधान।

विधेयक का महत्व

बढ़ते धोखाधड़ी के मामले
भारत में ऑनलाइन सट्टेबाज़ी घोटालों और फर्जी ऐप्स की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। कई हाई-प्रोफाइल जाँचों में यह सामने आया है कि सेलिब्रिटी भी भ्रामक विज्ञापन कर रहे थे, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही थी।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा
यह विधेयक खासकर युवाओं को ऑनलाइन जुए से होने वाले वित्तीय और मानसिक जोखिमों से बचाने का काम करेगा।

ई-स्पोर्ट्स उद्योग को बढ़ावा
ई-स्पोर्ट्स (कौशल आधारित प्रतियोगिता) और सट्टेबाज़ी प्लेटफ़ॉर्म के बीच स्पष्ट अंतर करके, यह विधेयक भारत के डिजिटल गेमिंग पारिस्थितिकी तंत्र को विस्तार देगा। इससे निवेश, टूर्नामेंट और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का उत्सव

पर्पल फेस्ट (Purple Fest) का विशेष आयोजन 13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति भवन में किया…

26 mins ago

फिच ने भारत की FY26 जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% किया

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) के लिए…

44 mins ago

Pi Day 2026: 14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन गणितीय…

2 hours ago

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव

इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है।…

2 hours ago

अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड (Freedom Shield) शुरू…

2 hours ago

पार्थनिल घोष बने HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ

भारत के बीमा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस…

3 hours ago