कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ योजना को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 2025-2027 के लिए ₹6,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य 1.8 करोड़ छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को 13,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ई-जर्नल्स तक डिजिटल पहुंच प्रदान करना है। इसे यूजीसी के तहत INFLIBNET प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से प्रबंधित किया जाएगा।

मुख्य उद्देश्य

  1. देशव्यापी ज्ञान तक पहुंच:
    • 30 प्रमुख प्रकाशकों से उच्च गुणवत्ता वाले ई-जर्नल्स की सदस्यता।
  2. शोध को बढ़ावा:
    • टियर 2 और टियर 3 शहरों के संस्थानों को लाभान्वित करना।
  3. डिजिटल प्रक्रिया को सरल बनाना:
    • एकीकृत पोर्टल के माध्यम से अनुसंधान सामग्री तक सरल और प्रभावी पहुंच।

रणनीतिक महत्व

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों का समर्थन:
    • शिक्षा और अनुसंधान के बीच समन्वय को बढ़ावा देना।
  2. ANRF के प्रयासों के साथ तालमेल:
    • भारत को वैश्विक शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करना।
  3. समावेशिता पर जोर:
    • ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन उपलब्ध कराना।

क्रियान्वयन और समीक्षा

  • सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) अभियान:
    उच्च शिक्षा विभाग और अन्य मंत्रालयों द्वारा जागरूकता बढ़ाने के लिए।
  • ANRF द्वारा निगरानी:
    संसाधनों के उपयोग और भारतीय लेखकों के योगदान की समीक्षा।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के 2022 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में दिए गए “जय अनुसंधान” के आह्वान के अनुरूप है। यह शिक्षा और अनुसंधान के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक कदम है, जो भारत को आत्मनिर्भर और नवाचार में वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।

यह पहल विकसित भारत @2047 की दृष्टि को साकार करने और अनुसंधान आधारित शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

समाचार का सारांश

मुख्य बिंदु विवरण
समाचार में क्यों? केंद्रीय कैबिनेट ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) योजना को ₹6,000 करोड़ आवंटन के साथ 2025-2027 के लिए मंजूरी दी है, जिससे शोध और शिक्षा में पहुंच बढ़ाई जाएगी।
योजना का नाम वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS)
बजट आवंटन ₹6,000 करोड़ (2025-2027)
प्रदान की गई पहुंच 13,000 अंतरराष्ट्रीय ई-जर्नल्स, 30 प्रमुख प्रकाशकों से
लाभार्थी 6,300 सरकारी उच्च शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों के 1.8 करोड़ छात्र, संकाय और शोधकर्ता
समन्वयक संस्था INFLIBNET (इन्फॉर्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क सेंटर), यूजीसी के तहत
उद्देश्य अनुसंधान पहुंच में अंतर को पाटना, विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों में
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago