केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कथित तौर पर जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल, 2023 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित परिवर्तनों का उद्देश्य 19 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 42 अधिनियमों में 183 प्रावधानों में संशोधन करके छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है। इसका उद्देश्य व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना और अदालत के मामलों के बैकलॉग को कम करना है।
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल को शुरू में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 22 दिसंबर, 2022 को लोकसभा में पेश किया था। बाद में इसे संसद की एक संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया, जिसने इसमें शामिल मंत्रालयों और विभागों के साथ विस्तृत चर्चा की। समिति ने मार्च 2023 में अपनी रिपोर्ट को अपनाया, जिसे राज्यसभा और लोकसभा के समक्ष पेश किया गया।
लक्ष्य:
अधिनियमों में संशोधन:
यूनिक विशेषता:
व्यापार करने में आसानी:
न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन:
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