केंद्र सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा वित्तीय निर्णय लिया है। 21 जनवरी 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) में ₹5,000 करोड़ के इक्विटी निवेश (Equity Infusion) को मंजूरी दी। इस कदम का उद्देश्य SIDBI की पूंजी आधार को सुदृढ़ करना, एमएसएमई को ऋण उपलब्धता बढ़ाना, सस्ती वित्तीय पहुँच सुनिश्चित करना और देशभर में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SIDBI में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य एमएसएमई ऋण प्रवाह को बढ़ाना और बढ़ती ऋण मांग के बीच SIDBI की पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy) बनाए रखना है।
| विषय | विवरण |
| SIDBI का परिचय | भारत में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र के संवर्धन, वित्तपोषण और विकास के लिए प्रमुख वित्तीय संस्था |
| मुख्य फोकस | Micro, Small और Medium Enterprises (MSMEs) |
| स्थापना | 2 अप्रैल 1990 |
| कानूनी स्थिति | भारतीय संसद के अधिनियम के तहत स्थापित |
| प्रारंभिक संरचना | प्रारंभ में IDBI की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी |
| वर्तमान स्वामित्व | भारत सरकार तथा 22 अन्य केंद्र सरकार नियंत्रित संस्थान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) और बीमा कंपनियाँ |
| प्रशासनिक नियंत्रण | वित्त मंत्रालय, भारत सरकार |
| मुख्यालय | लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
| मुख्य उद्देश्य | एमएसएमई क्षेत्र का संवर्धन, वित्तपोषण और विकास |
| प्रमुख कार्य | एमएसएमई वित्तपोषण से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों का समन्वय |
| एमएसएमई को समर्थन | • वृद्धि और विस्तार • विपणन (Marketing) • प्रौद्योगिकी विकास एवं व्यावसायीकरण • नवाचार और उद्यमिता |
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