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कैबिनेट ने पांच आईआईटी के लिए 11,828 करोड़ रुपये की विस्तार योजना को मंजूरी दी

भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, जम्मू और धारवाड़ में स्थित पांच नव स्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के व्यापक विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस चरण-बी विस्तार में चार वर्षों में ₹11,828.79 करोड़ का वित्तीय परिव्यय शामिल है, जिसका उद्देश्य छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करना, नए संकाय पदों का सृजन करना और उद्योग-अकादमिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान पार्कों का निर्माण करना है।

समाचारों में क्यों?
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मई 2025 को पाँच नवस्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) – तिरुपति, पलक्काड़, भिलाई, जम्मू और धारवाड़ – के फेज-B विस्तार को मंज़ूरी दी। इस निर्णय का उद्देश्य छात्र नामांकन बढ़ाना, शोध क्षमताओं को सशक्त करना और आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, जिससे नवाचार और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह विस्तार 6,500 से अधिक अतिरिक्त छात्रों को लाभान्वित करेगा।

कैबिनेट निर्णय की मुख्य विशेषताएं:

  • कुल व्यय: ₹11,828.79 करोड़ (2025–2029 के बीच)

  • लक्षित IITs:

    • IIT तिरुपति (आंध्र प्रदेश)

    • IIT पलक्काड़ (केरल)

    • IIT भिलाई (छत्तीसगढ़)

    • IIT जम्मू (जम्मू-कश्मीर)

    • IIT धारवाड़ (कर्नाटक)

  • छात्र क्षमता में वृद्धि: 6,576 नए छात्रों की वृद्धि के साथ कुल क्षमता 13,687 होगी

  • नए फैकल्टी पद: प्रोफेसर स्तर (लेवल 14 एवं उससे ऊपर) के 130 नए पद सृजित किए जाएंगे

  • शोध पार्क: उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने हेतु पाँच अत्याधुनिक रिसर्च पार्क स्थापित किए जाएंगे

क्रियान्वयन लक्ष्य (4 वर्षों में छात्र संख्या वृद्धि):

  • वर्ष 1: +1,364 छात्र

  • वर्ष 2: +1,738 छात्र

  • वर्ष 3: +1,767 छात्र

  • वर्ष 4: +1,707 छात्र

विस्तार के उद्देश्य:

  • शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाना

  • इंजीनियरिंग और तकनीकी कार्यक्रमों की बढ़ती मांग को पूरा करना

  • STEM (विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी, गणित) एवं नवाचार में भारत की वैश्विक स्थिति को सुदृढ़ करना

  • विश्वस्तरीय संस्थानों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन देना

  • अकादमिक और प्रशासनिक स्टाफिंग के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देना

पृष्ठभूमि:

  • ये पाँच IITs वर्ष 2014 के बाद चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए गए

  • IIT तिरुपति और पलक्काड़ ने 2015–16 में शैक्षणिक कार्य प्रारंभ किया

  • IIT भिलाई, जम्मू और धारवाड़ ने 2016–17 में कार्य शुरू किया

  • प्रारंभ में सभी ने अस्थायी परिसरों से शुरुआत की और अब स्थायी परिसरों में स्थानांतरित हो चुके हैं

स्थिर तथ्य 

  • भारत में कुल IITs की संख्या: 23

  • IITs में छात्र संख्या 65,000 से बढ़कर पिछले दशक में 1.35 लाख हो गई है

  • प्रवेश अखिल भारतीय स्तर पर JEE Advanced परीक्षा के माध्यम से होता है

महत्त्व:

  • उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों तक पहुँच बढ़ाकर शैक्षिक असमानता को कम करता है

  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बुनियादी ढांचे और रोजगार निर्माण के माध्यम से सशक्त बनाता है

  • आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों के अनुरूप ज्ञान-आधारित समाज को बढ़ावा देता है

  • भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने के सपने को साकार करने में सहायक

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vikash

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