बजट 2024: केंद्रीय बजट के बारे में 10 महत्वपूर्ण तथ्य

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2024 को अंतरिम बजट का अनावरण किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगी। यहां केंद्रीय बजट के बारे में 10 दिलचस्प तथ्य दिए गए हैं।

  1. प्रस्तुति तिथि में परिवर्तन: 2016 तक, केंद्रीय बजट पारंपरिक रूप से फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर पेश किया जाता था। हालाँकि, अब 1 फरवरी निर्धारित प्रस्तुति तिथि के साथ इसमें परिवर्तन आया है।
  2. ऐतिहासिक समय परिवर्तन: 1999 तक, औपनिवेशिक परंपरा का पालन करते हुए, केंद्रीय बजट की घोषणा शाम 5:00 बजे होती थी। वित्त मंत्री यशवन्त सिन्हा ने 2001 से समय बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया।
  3. हलवा समारोह परंपरा: बजट पेश करने से एक सप्ताह पहले, एक ‘हलवा समारोह’ आयोजित किया जाता है जहां वित्त मंत्री मंत्रालय के अधिकारियों के बीच ‘हलवा’ वितरित करते हैं, जो ‘लॉक-इन’ अवधि की शुरुआत का प्रतीक है।
  4. डिजिटल परिवर्तन: डिजिटल तरीकों को अपनाने से लॉक-इन अवधि पिछले दो सप्ताह से घटकर केवल पांच दिन रह गई है।
  5. ब्रीफकेस परंपरा बंद: 2018 तक वित्त मंत्रियों द्वारा बजट को चमड़े के ब्रीफकेस में ले जाने की परंपरा को बंद कर दिया गया है।
  6. पेपरलेस बजट नवाचार: 1 फरवरी, 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट का उपयोग करके पहला पेपरलेस बजट पेश किया।
  7. केंद्रीय बजट के दो भाग: केंद्रीय बजट में दो भाग होते हैं – वार्षिक वित्तीय विवरण और अनुदान की मांग। वार्षिक वित्तीय विवरण आगामी वर्ष के लिए सरकार के राजस्व का सारांश देता है, जबकि अनुदान की मांग अनुमानित व्यय की रूपरेखा प्रस्तुत करती है।
  8. संसदीय प्रक्रिया: वित्त मंत्री एक भाषण में केंद्रीय बजट पेश करते हैं, जिसके बाद लोकसभा में चर्चा और मतदान होता है।
  9. मध्य-वर्ष समीक्षा: एक ‘मध्य-वर्ष समीक्षा’ या ‘अर्ध-वार्षिक रिपोर्ट’ वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार के वित्तीय प्रदर्शन पर अपडेट प्रदान करती है।
  10. राष्ट्रपति की मंजूरी की परंपरा: संसद में केंद्रीय बजट पेश करने से पहले, वित्त मंत्री मंजूरी लेने के लिए राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलते हैं, यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। बजट भाषण के बाद, वित्त मंत्री, अन्य मंत्रियों के साथ, हितधारकों के साथ चर्चा में संलग्न होते हैं।

परीक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. 2016 तक पारंपरिक रूप से केंद्रीय बजट कब पेश किया जाता था?
  2. बजटीय प्रक्रिया में ‘हलवा समारोह’ का क्या महत्व है?
  3. 1999 में केंद्रीय बजट घोषणा का समय कैसे परिवर्तित हो गया और इस परिवर्तन की पहल किसने की?
  4. 1 फरवरी, 2021 को केंद्रीय बजट की प्रस्तुति में कौन सा ऐतिहासिक परिवर्तन आया?

कृपया अपनी प्रतिक्रियाएँ टिप्पणी अनुभाग में साझा करें।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
prachi

Recent Posts

LPG उत्पादन में भारत के प्रमुख शहर कौन-कौन से हैं? देखें लिस्ट

भारत में आज 33 करोड़ से अधिक परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलिडंर (LPG…

2 hours ago

जानें भारत के किस शहर से पहली बार हुई थी जनगणना की शुरुआत?

बता दें कि, भारत में जनगणना 2026-27 की शुरुआत हो गई है। इस बार इसे…

3 hours ago

गुजरात हाईकोर्ट ने AI के इस्तेमाल को लेकर एक सख्त नीति जारी की

गुजरात हाई कोर्ट ने एक नीति जारी की है, जिसके तहत न्यायिक फ़ैसले लेने या…

3 hours ago

शासन और सेवा वितरण को बढ़ावा देने हेतु ‘साधना सप्ताह 2026’ का शुभारंभ

भारत ने 'साधना सप्ताह 2026' की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका…

4 hours ago

छत्तीसगढ़ में लगभग एक सदी बाद काले हिरणों की वापसी

छत्तीसगढ़ राज्य से काले हिरणों के संरक्षण की एक शानदार सफलता की कहानी सामने आई…

4 hours ago

Kar Saathi से इनकम टैक्स भरना होगा आसान, जानें कैसे

भारत के आयकर विभाग ने ‘कर साथी’ नाम से एक नया प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है।…

5 hours ago