7 सितंबर 2025 की पूर्णिमा की रात को लगने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगभग 82 मिनट तक चलेगा। इस दौरान चंद्रमा लालिमा लिए हुए ब्लड मून बनेगा। उसी समय शनि ग्रह अपने छल्लों के साथ और नीला-हरा चमकता हुआ वरुण (Neptune) भी चंद्रमा के पास दिखाई देंगे। यह दुर्लभ खगोलीय घटना वैज्ञानिकों, ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक मान्यताओं के सभी दृष्टिकोण से बेहद खास है।
यह वर्ष 2025 का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा और एशिया, अफ्रीका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया सहित पूर्वी गोलार्ध के बड़े हिस्से से साफ़-साफ़ देखा जा सकेगा। यह खगोलीय दृश्य न केवल पर्यवेक्षकों और फोटोग्राफरों के लिए अद्भुत है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण के समय होता है, जब पृथ्वी सीधे सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है। अंधकार में गायब होने के बजाय चंद्रमा लालिमा लिए चमकने लगता है। यह प्रभाव रेले स्कैटरिंग (Rayleigh Scattering) के कारण होता है—वही प्रक्रिया जिसके कारण सूर्योदय और सूर्यास्त लाल दिखाई देते हैं।
जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरता है तो नीली छोटी तरंगें बिखर जाती हैं और लाल लंबी तरंगें मुड़कर चंद्रमा तक पहुँचती हैं। इस कारण चंद्रमा लाल रंग की छटा लिए दिखता है। यह लालिमा वातावरण में धूल, प्रदूषण और बादलों की मात्रा के अनुसार हल्की या गहरी हो सकती है।
उपच्छाया (Penumbral) ग्रहण आरंभ: 15:28
आंशिक ग्रहण आरंभ: 16:27
पूर्ण ग्रहण आरंभ: 17:30
ग्रहण का अधिकतम चरण: 18:11
पूर्ण ग्रहण समाप्त: 18:52
आंशिक ग्रहण समाप्त: 19:56
उपच्छाया ग्रहण समाप्त: 20:55
पूर्ण चरण (Totality) कुल 82 मिनट तक चलेगा, जो सामान्य 60–70 मिनट की तुलना में अधिक है।
एशिया और ऑस्ट्रेलिया: पूरा ग्रहण शुरू से अंत तक दिखाई देगा।
पूर्वी अफ्रीका और यूरोप: विशेषकर पूर्ण चरण के दौरान सबसे अच्छा दृश्य मिलेगा।
उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका: दिखाई नहीं देगा (क्योंकि वहाँ दिन का समय होगा)।
भारत, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों से यह ग्रहण साफ़ दिखाई देगा।
यह पूरी तरह नग्न आंखों से सुरक्षित है।
अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आप दूरबीन या टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सबसे अच्छा दृश्य साफ़ और अंधेरे आकाश वाले क्षेत्रों में मिलेगा, जहाँ कृत्रिम रोशनी कम हो।
बादलों से बचने के लिए खुले और साफ़ मौसम का इंतज़ार करें।
जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, वहाँ कई प्लेटफ़ॉर्म इस घटना का लाइव प्रसारण करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
2025 का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण (82 मिनट)।
वैज्ञानिक अध्ययन: चंद्रमा की लालिमा से पृथ्वी के वायुमंडल की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।
सांस्कृतिक महत्व: प्राचीन काल से इसे विभिन्न किंवदंतियों, पर्वों और अनुष्ठानों से जोड़ा गया है। यह हार्वेस्ट मून के साथ संयोग करता है, जो फसल उत्सवों से संबंधित है।
दुर्लभ अवसर: अमेरिका के लोग इसे नहीं देख पाएंगे, उन्हें अगली बार 2–3 मार्च 2026 को देखने का मौका मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ में भारत की पहली नमो भारत…
भारत और ब्राज़ील ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में…
शीतकालीन ओलंपिक 2026, जिन्हें आधिकारिक रूप से 2026 Winter Olympics (XXV ओलंपिक विंटर गेम्स) कहा…
79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA 2026) का आयोजन 22 फरवरी को लंदन के रॉयल…
विश्व शांति और समझ दिवस 2026 (World Peace and Understanding Day 2026), हर साल 23…
भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…