फिलीपींस स्थित अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई), जिसका कार्यालय 17 देशों में हैं, 1960 के दशक में हरित क्रांति में योगदान देने वाली चावल की किस्मों के विकास में अपने काम के लिए जाना जाता है. वाराणसी में राष्ट्रीय बीज अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (एनएसआरटीसी) के परिसर में आईआरआरआई का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा. ज्ञापन पर कृषि सचिव शोभना के पटनायक और आईआरआरआई के महानिदेशक मैथ्यू मोरेले के बीच हस्ताक्षर किए गए थे.
उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-
भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…
98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…
भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…
गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…