Categories: Uncategorized

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार भारत-पाक सिंधु जल संधि का अस्तित्व ‘कमजोर’

भारत और पाकिस्तान के बीच 40 वर्षीय सिंधु जल संधि संघर्ष के संकल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण है लेकिन 1990 के दशक के बाद से बेसिन राज्यों में पानी की कमी इस समझौते में तनाव का कारण बनी हुई है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार इस कारण संधि का “अस्तित्व कमजोर हो गया है”.

यूएनडीपी की रिपोर्ट “डेवलपमेंट एडवोकेट पाकिस्तान” के अनुसार “संधि दो मुद्दों का समाधान करने में विफल रही है: भारत और पाकिस्तान के बीच सूखे के समय जल का विभाजन, जिस समय जल बिलकुल आधा होता है और चेनाब नदी के प्रवाह पर पाकिस्तान द्वारा भंडारण इसे प्रभावित करता है. वूलर बैराज और किशनगंगा परियोजना, झेलम और नीलम नदियों पर समान समस्याओ को प्रस्तुत करता है.
                                                                                               Source- The Hindustan Times
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
admin

Recent Posts

भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को मिला 2026 Whitley Award, रचा इतिहास

भारत के लिए गर्व की बात है कि भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को 2026 का…

16 hours ago

पायलट फेज के बाद SEBI ने लॉन्च किया PaRRVA सिस्टम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' (PaRRVA) को…

2 days ago

कैबिनेट का अहम निर्णय: महाराष्ट्र में AI नीति 2026 लागू

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी 'महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति…

2 days ago

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: हर आरोपी को त्वरित सुनवाई का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को एक केस की सुनवाई के दौरान मौलिक अधिकारों…

2 days ago

अब नहीं खोएंगे PF के पैसे, EPFO का नया प्लेटफॉर्म करेगा मदद

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) 'E-PRAAPTI' नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा…

2 days ago

आपदा पीड़ितों को राहत: RBI ने लागू किए नए लोन पुनर्गठन नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आपदा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए संशोधित दिशानिर्देश पेश…

2 days ago