बैंक ऋण में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 14.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के दौरान यह छह प्रतिशत बढ़ा था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में कर्ज में 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
आरबीआई ने ‘जून 2022 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की जमा और ऋण पर तिमाही आंकड़ों’ में यह जानकारी दी। ये आंकड़े सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए जाते है। इसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), लघु वित्त बैंक (एसएफबी) और भुगतान बैंक (पीबी) शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- आंकड़ों के अनुसार, ‘‘ऋण में वृद्धि व्यापक आधार पर रही है। सभी जनसंख्या समूह (ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और महानगर), बैंक के सभी समूह (सार्वजनिक-निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, आरआरबी और एसएफबी) और देश के सभी क्षेत्रों के बैंकों में जून, 2022 के दौरान ऋण वृद्धि दहाई अंक में दर्ज की गई है।’’
- रिजर्व बैंक ने बताया कि पिछली पांच तिमाहियों के दौरान कुल जमा में वृद्धि सालाना आधार पर 9.5 से 10.2 प्रतिशत के दायरे में रही है।
- इसके अलावा, कुल जमा में चालू खाते और बचत खाते में जमा की हिस्सेदारी पिछले तीन वर्षों में (जून, 2020 में 42 प्रतिशत, जून, 2021 में 43.8 प्रतिशत और जून 2022 में 44.5 प्रतिशत) बढ़ रही है।










G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


