राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 13 जनवरी को अमेरिकी सदन द्वारा ऐतिहासिक रूप से दूसरी बार महाभियोग लगाया गया था, जिन पर पद में उनके अंतिम दिनों में एक तेज और विलक्षण पतन में कैपिटल की भीड़ की घातक घेराबंदी पर “विद्रोह के लिए उकसाने” का आरोप लगाया गया था. वह पहली बार 2019 में अपने यूक्रेन सौदे पर महाभियोग लगाया गया था.
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सदन ने श्री ट्रम्प को महाभियोग लगाने के लिए 232-197 वोट दिए. चुनाव परिणामों के खिलाफ “नरक जैसी लड़ाई” के लिए राष्ट्रपति द्वारा आह्वान करने पर यू.एस. कैपिटल में ट्रम्प के हिंसा समर्थक वफादारों के हंगामे के एक सप्ताह बाद कानूनविदों के मतदान के साथ यह कार्यवाही हल्की गति से आगे बढ़ी.
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