असम सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में देहिंग पटकाई वन्यजीव अभ्यारण्य को राज्य का 7वां राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया। इसे वर्षा वन के नाम से भी जाना जाता है जिसमें वनस्पति और जीवों की विविधता पाई जाती है। इसे वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में 2004 में मान्यता दी गई थी। इसका कुल क्षेत्रफल 111.19 वर्ग किलोमीटर है।
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यह क्षेत्र हूलॉक गिब्बन, हाथी, स्लो लॉरिस, बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड तेंदुआ, सुनहरी बिल्ली, फिशिंग कैट, मार्बल कैट, सांभर, हॉग डियर, स्लॉथ बियर, तथा लुप्तप्राय राज्य पक्षी सफेद पंख वाली बत्तख का घर है। देश में दूसरे सबसे अधिक राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या अब असम में है। मध्य प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रत्येक में नौ राष्ट्रीय उद्यान हैं।
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