पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु भूपेंद्र गुप्ता को एनएचपीसी का सीएमडी नियुक्त किया गया

भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व बदलाव हुआ है। भूपेंद्र गुप्ता को एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC Limited) का अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet – ACC) द्वारा अनुमोदित की गई। यह कदम स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा में एनएचपीसी के विस्तार को मज़बूती देने के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

पृष्ठभूमि और नियुक्ति

  • गुप्ता वर्तमान में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) में निदेशक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत हैं।

  • मई 2025 से वे एसजेवीएन लिमिटेड (SJVN) के अंतरिम सीएमडी का भी अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।

  • अब वे राज कुमार चौधरी का स्थान लेंगे, जो 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए।

  • ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ गुप्ता को परियोजना क्रियान्वयन, तकनीकी संचालन और रणनीतिक योजना में तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

नियुक्ति का रणनीतिक महत्व

  • एनएचपीसी, जो एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (Navratna CPSE) है, भारत की विद्युत संरचना में अहम भूमिका निभाता है।

  • पहले केवल जलविद्युत पर केंद्रित रहने वाला एनएचपीसी अब सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है।

  • गुप्ता की नियुक्ति से अपेक्षा है कि वे:

    • लंबित जलविद्युत परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाएँगे।

    • सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को स्केल-अप करेंगे।

    • हरित ऊर्जा कार्यान्वयन के लिए केंद्र व राज्य एजेंसियों के साथ सहयोग मज़बूत करेंगे।

एनएचपीसी लिमिटेड के बारे में

  • स्थापना: 1975

  • पहली परियोजना: बैरा सुइल विद्युत स्टेशन, हिमाचल प्रदेश

  • स्थिति: भारत की अग्रणी जलविद्युत उत्पादन कंपनी, नवरत्न उपक्रम, विद्युत मंत्रालय के अधीन

  • हाल के वर्षों में विस्तार:

    • विभिन्न राज्यों में सौर ऊर्जा पार्क

    • पवन और ज्वार-भाटा (tidal) परियोजनाएँ

    • भू-तापीय ऊर्जा (geothermal) अध्ययनों में सहयोग

  • यह विविधीकरण भारत के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता के लक्ष्य से मेल खाता है।

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • नियुक्ति द्वारा: ACC, भारत सरकार

  • स्थान लिया: राज कुमार चौधरी (सेवानिवृत्त – जून 2025)

  • वर्तमान पद: निदेशक (तकनीकी), टीएचडीसी; अंतरिम सीएमडी, एसजेवीएन

  • महत्व: एनएचपीसी में नेतृत्व के ज़रिए भारत के हरित ऊर्जा मिशन को मज़बूती देना

  • एनएचपीसी स्थापना वर्ष: 1975

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

13 hours ago

आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत, सदस्य और महत्व

बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…

14 hours ago

भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूमिका और रणनीतिक महत्व की व्याख्या

भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…

15 hours ago

Raja Ravi Varma की पेंटिंग ने रचा इतिहास, बनी भारत की सबसे महंगी कलाकृति

भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…

15 hours ago

भारत डोपिंग मामलों में सबसे ऊपर, एआईयू की सूची में केन्या को पीछे छोड़ा

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…

16 hours ago

पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन: कर्नाटक विजयी रहा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…

17 hours ago