मध्य प्रदेश के भोपाल का महिला थाना ISO (मानकीकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन) द्वारा प्रमाणित होने वाला देश का पहला महिला केंद्रित पुलिस स्टेशन बन गया है। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा बनाए गए विक्टिम फ्रेंडली महिला थाना को आइएसओ की टीम द्वारा मूल्यांकन एवं गुणवत्ता के आधार पर आइएसओ अवार्ड के लिए चयनित किया गया। राजधानी के कई आला अधिकारियों की मौजूदगी में आइएसओ 9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
बताया जा रहा है कि, भोपाल का महिला थाना प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का पहला आइएसओ 9001:2015 सर्टिफाइड थाना बन चुका है। इस दौरान पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि, महिला अपराधों पर अंकुश के लिए सामुदायिक पुलिसिंग के तहत निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, महिलाओं की समस्याओं के लिए सभी थानों में ऊर्जा हेल्प डेस्क सक्रिय है, लेकिन यह महिला संबंधी अपराधों के निराकरण में प्रमुख केंद्र के रूप में है।
भोपाल महिला पुलिस स्टेशन को ‘पीड़ित मित्रवत’ बनाया गया है। बच्चों के लिए झूला घर भी बनाया गया है और पांच से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए दूध पिलाने का कक्ष भी बनाया गया है। भोपाल महिला पुलिस को को यह प्रमाण पत्र 3 वर्ष के लिए दिया गया है। यह प्रमाण पत्र अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन द्वारा प्रदान किया गया है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1947 में की गई थी।
बता दें कि, एक समय अपनी नम दीवारों, बदबूदार शौचालयों और जर्जर कमरों के लिए जाना जाने वाला भोपाल महिला थाना पिछले तीन सालों में अपने बुनियादी ढांचे पर काम करके शहर का दूसरा आईएसओ-प्रमाणित पुलिस स्टेशन बन गया है, पहला मिसरोद पुलिस स्टेशन है।
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