Categories: Current AffairsSports

बाला देवी 50 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतीय महिला फुटबॉलर बाला देवी ने भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें अक्सर भारतीय महिला फुटबॉल की ‘गोल मशीन’ के रूप में जाना जाता है। बाला देवी ने नेपाल में 2024 SAFF महिला चैंपियनशिप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ मैच में अपना 50वां अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया।

बाला देवी, जन्म 2 फरवरी 1990, ने भारतीय फुटबॉल इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है, क्योंकि वह 50 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाली पहली भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी बनी हैं। मणिपुर पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए फॉरवर्ड के रूप में खेलते हुए, बाला देवी की यात्रा उनके समर्पण और भारत में महिला फुटबॉल में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। उनकी यह उपलब्धि हाल ही में 2024 SAFF महिला चैंपियनशिप में पाकिस्तान के खिलाफ गोल करने के बाद मनाई गई, जिसने उन्हें भारतीय खेलों में एक अग्रणी के रूप में और मजबूत किया।

क्लब करियर की प्रमुख झलकियां

बाला देवी ने अपने करियर की शुरुआत मणिपुर से की, जहाँ उन्होंने कम उम्र में ही अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया और विभिन्न युवा टूर्नामेंटों में प्रशंसा प्राप्त की। उनके पेशेवर करियर की शुरुआत 2014 में मालदीव के न्यू रेडियंट WSC से हुई। इसके बाद उन्होंने स्कॉटलैंड के रेंजर्स क्लब के साथ अनुबंध कर सुर्खियां बटोरीं, जहाँ वह एक यूरोपीय पेशेवर लीग में गोल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। स्पेन में मालागा क्लब के साथ खेलने के बाद, वह भारत लौटकर ओडिशा WFC में शामिल हुईं।

अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

2005 से, बाला देवी भारतीय राष्ट्रीय टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने SAFF महिला चैंपियनशिप और एशियाई खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लिया है। 2014 के SAFF चैंपियनशिप में उनके शानदार प्रदर्शन, जिसमें उन्होंने 16 गोल किए थे, ने उन्हें AIFF महिला प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब दिलाया। बाला देवी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रहती हैं और आने वाली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

व्यक्तिगत जीवन और प्रभाव

अपने फुटबॉल करियर को संतुलित करते हुए, बाला देवी मणिपुर में एक पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में भी कार्य करती हैं, जो उनके खेल और समुदाय दोनों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय मैदानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उनकी यात्रा महिलाओं के खेल में बढ़ती पहचान और समर्थन का प्रतीक है, जो युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago