अज़रबैजान सेना ने कजाकिस्तान में “बिर्लेस्टिक-2024” संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लिया

अज़रबैजान सेना के सैनिक “बिर्लेस्टिक-2024” ऑपरेशनल-टैक्टिकल कमांड-स्टाफ अभ्यास में भाग लेने के लिए कजाकिस्तान पहुंचे हैं। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास, जो 11 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, कैस्पियन सागर में ओमाशा प्रशिक्षण मैदान और केप टोकमक में होगा। यह अभ्यास अज़रबैजान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालयों के बीच सहयोगात्मक प्रयास का हिस्सा है।

भागीदारी का विवरण

अज़रबैजान की टुकड़ी में भूमि सेना से कमांडो इकाइयाँ, पैराशूट अवतरण और खोज-बचाव सेवा कर्मी, वायु सेना से Su-25 विमान और नौसेना से गश्ती और अवतरण जहाज शामिल हैं।

स्कोप और स्केल

“बिर्लेस्टिक-2024” अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त परिचालन परिदृश्यों का अनुकरण करके अंतर-संचालन और सामरिक समन्वय को बढ़ाना है। इस अभ्यास में लगभग 4,000 सैन्य कर्मी और 700 सैन्य उपकरण शामिल होंगे, जो क्षेत्र में सशस्त्र संघर्षों को स्थानीयकृत करने के लिए एकीकृत प्रतिक्रिया के समन्वय पर केंद्रित होंगे।

ऑपरेशनल गोल्स

अभ्यास के दौरान, भाग लेने वाले बल नकली सशस्त्र संघर्षों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने और हल करने के लिए प्रशिक्षण और संयुक्त परिचालन योजना से गुजरेंगे। यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोगी रक्षा पहलों के लिए भाग लेने वाले देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

बिर्लेस्टिक : प्रमुख बिंदु

प्रतिभागी: पांच भाग लेने वाले देशों के सैन्य कर्मी।

स्थान: कजाकिस्तान के कैस्पियन सागर एक्वेटोरियम में ओमाशा प्रशिक्षण मैदान और केप टोकमक में आयोजित।

उद्देश्य: संयुक्त परिचालन योजना के माध्यम से क्षेत्रीय रक्षा सहयोग और तत्परता को बढ़ाना।

अवधि: 11 जुलाई से 17 जुलाई तक निर्धारित, सशस्त्र संघर्षों के लिए संयुक्त प्रतिक्रियाओं का अनुकरण करने पर ध्यान केंद्रित करना।

स्केल: इसमें लगभग 4,000 सैन्य कर्मी और 700 सैन्य उपकरण शामिल हैं।

फोकस: प्रशिक्षण में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए भूमि, वायु और नौसेना बलों का समन्वय शामिल है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
shweta

Recent Posts

हिंदू नववर्ष 2026: इस बार 12 नहीं 13 महीनों का होगा Hindu Nav Varsh!

Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक नया साल यानी विक्रम संवत 2083, 19…

1 hour ago

GSI का बड़ा फैसला: कालिंजर किले को मिला भू-धरोहर का दर्जा

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) द्वारा उत्तर प्रदेश के कालिंजर किला (Kalinjar Fort)…

2 hours ago

अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस 2026: 20 मार्च को क्यों मनाया जाता है यह दिन?

अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस हर वर्ष 20 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिन…

2 hours ago

कौन हैं भूमिका श्रेष्ठा? नेपाल की पहली ट्रांसजेंडर महिला सांसद बनकर रचा इतिहास

भूमिका श्रेष्ठा (Bhumika Shrestha) 37 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता, 16 मार्च 2026 को नेपाल की पहली…

17 hours ago

क्या है 3D डिजिटल ट्विन्स? टेक दिग्गजों की बड़ी रणनीति समझिए

Adobe ने NVIDIA के साथ साझेदारी कर 3D डिजिटल ट्विन तकनीक को बड़े स्तर पर…

18 hours ago

बड़ा अपडेट: ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ बिल पर JPC को अतिरिक्त समय

लोकसभा ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ प्रस्ताव की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC)…

18 hours ago