अयोध्या ने दीपोत्सव 2025 के साथ फिर से विश्व मंच पर अपनी चमक दिखाई, जब सारे सरयू घाटों पर 26,17,215 दीप जलाए गए, और शहर को रोशनी और भक्ति से जगमगा दिया। इस वर्ष का भव्य उत्सव न केवल श्रद्धालुओं को मोहित करने वाला था, बल्कि इसने दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किए, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता और मजबूती से प्रदर्शित हुई।
स्थापित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
1. सबसे अधिक दीपों का एकसाथ प्रज्वलन
सरयू नदी के किनारे 26,17,215 दीप जलाए गए।
ड्रोन इमेजिंग के माध्यम से सत्यापित और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाणित।
2. सबसे बड़ी आरती में भागीदारी
2,128 पुजारी और भक्तजन ने मां सरयू की आरती को समन्वयपूर्वक अदा किया।
कड़ाई से नियोजित समन्वय और रीति-रिवाज की शुद्धता के साथ संपन्न।
उत्सव की मुख्य झलकियाँ
राम लीला प्रस्तुतियाँ: भगवान राम के जीवन का नाटकीय मंचन, जिसने भारी भीड़ आकर्षित की।
लेजर और ड्रोन शो: राम की पैड़ी पर उच्च तकनीकी दृश्य, जिसे भगवान राम के निर्वाण स्थल के रूप में माना जाता है।
पटाखों की झिलमिलाहट: अयोध्या के आकाश को भव्य रूप से रोशन किया।
मंदिरों की सजावट: शहर के मंदिरों को पारंपरिक दीपों से सजाया गया।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:
दीवाली का प्रतीक: सत्य और धर्म की विजय, जो सनातन धर्म के मूल्यों को दर्शाता है।
अयोध्या का उदय: राम मंदिर के निर्माण के निकट होने के साथ अयोध्या एक वैश्विक तीर्थ स्थल के रूप में उभर रहा है।
सांस्कृतिक गर्व: दीपोत्सव भारत की विरासत और एकता का प्रतीक है।
इस भव्य उत्सव ने अयोध्या को न केवल आध्यात्मिक बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक पहचान भी दिलाई।
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