अवाडा और कैसले ने ओडिशा में 1,500 टीपीडी ग्रीन अमोनिया प्लांट पर सहयोग किया

हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अवाडा ग्रुप (Avaada Group) ने कासाले (Casale) के साथ साझेदारी कर गोपालपुर, ओडिशा में 1,500 टन प्रति दिन (TPD) की ग्रीन अमोनिया संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों और अत्याधुनिक अमोनिया उत्पादन तकनीक का उपयोग करके शून्य-कार्बन प्रक्रिया विकसित करना है। यह परियोजना न केवल भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि औद्योगिक प्रक्रियाओं में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए अवाडा की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

ग्रीन अमोनिया परियोजना क्या है?

यह संयंत्र गोपालपुर, ओडिशा में स्थापित किया जाएगा, जो अपनी बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं के लिए जाना जाता है। यह संयंत्र 1,500 टन प्रति दिन ग्रीन अमोनिया का उत्पादन करेगा, जिसका उपयोग उर्वरक और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसे 100% नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहेगा।

इस परियोजना के लिए Casale, जो कि अमोनिया उत्पादन प्रौद्योगिकी में वैश्विक अग्रणी कंपनी है, Green Ammonia Process License प्रदान करेगी। इसके अलावा, Casale संयंत्र के लिए बेसिक इंजीनियरिंग पैकेज, प्रोपराइटरी उपकरण और डिटेल्ड इंजीनियरिंग समीक्षा भी करेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि संयंत्र बिना जीवाश्म ईंधन के निर्भरता के अमोनिया का उत्पादन कर सके।

भारत के लिए यह परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और ग्रीन एनर्जी इकोनॉमी में परिवर्तन के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित अमोनिया उत्पादन के स्थान पर नवीकरणीय ऊर्जा संचालित वैकल्पिक समाधान प्रदान करेगी।

इसके अलावा, Casale ने अब तक भारत में 5,700 टन प्रति दिन की कुल ग्रीन अमोनिया क्षमता को लाइसेंस प्रदान किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रीन अमोनिया स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। इस परियोजना की सफलता भारत में अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए एक मॉडल बन सकती है, जिससे भारत अपने सस्टेनेबिलिटी (स्थायित्व) लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सके।

अवाडा ग्रुप की हाल की उपलब्धियां

अवाडा ग्रुप नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए फंडिंग प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जनवरी 2025 में, कंपनी ने ₹85 अरब (₹8,500 करोड़) की वित्तीय सहायता प्राप्त की, जो कि नौ अलग-अलग परियोजनाओं के वित्तपोषण और पुनर्वित्तपोषण के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा संयंत्र
  • पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत एग्रीवोल्टेइक (Agrivoltaic) परियोजनाएं
  • मर्चेंट पावर (Merchant Power)
  • सौर मॉड्यूल निर्माण (Solar Module Manufacturing)

इस फंडिंग को भारतीय स्टेट बैंक (SBI), यूनियन बैंक (Union Bank) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ-साथ स्टैंडर्ड चार्टर्ड (Standard Chartered), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और टाटा कैपिटल (Tata Capital) जैसे अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं से प्राप्त किया गया है।

इस वित्तीय सहयोग से अवाडा ग्रुप को भारत में नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों का विस्तार करने में मदद मिलेगी। Casale के साथ साझेदारी, अवाडा की कई पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य टिकाऊ ऊर्जा (Sustainable Energy) को बढ़ावा देना और भारत की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना है।

समाचार में क्यों? मुख्य बिंदु
अवाडा और कासाले की साझेदारी अवाडा ग्रुप ने कासाले (Casale) के साथ मिलकर गोपालपुर, ओडिशा में 1,500 TPD ग्रीन अमोनिया संयंत्र विकसित करने के लिए साझेदारी की।
संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 1,500 टन (TPD) ग्रीन अमोनिया का उत्पादन।
ऊर्जा स्रोत संयंत्र को 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।
तकनीकी प्रदाता कासाले (Casale) ग्रीन अमोनिया प्रक्रिया लाइसेंस और अन्य तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
स्थान गोपालपुर, ओडिशा
भारत में कासाले की कुल ग्रीन अमोनिया क्षमता कासाले ने भारत में 5,700 TPD ग्रीन अमोनिया क्षमता को लाइसेंस प्रदान किया है।
अवाडा ग्रुप की हालिया वित्तीय सहायता अवाडा ने ₹85 अरब (₹8,500 करोड़) की वित्तीय सहायता प्राप्त की, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की नौ परियोजनाएं शामिल हैं।
वित्तीय सहयोगी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक – SBI, यूनियन बैंक, NABFID, PFC। निजी ऋणदाता – स्टैंडर्ड चार्टर्ड, एक्सिस बैंक, टाटा कैपिटल, यस बैंक।
अवाडा की विकास रणनीति यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा, एग्रीवोल्टेइक (PM-KUSUM), मर्चेंट पावर और सौर मॉड्यूल निर्माण परियोजनाओं पर फोकस।
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vikash

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