सुसान कोयल ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल की पहली महिला सेना प्रमुख नियुक्त

ऑस्ट्रेलिया ने सुसान कोयल को अपनी पहली महिला सेना प्रमुख नियुक्त किया है। यह घोषणा अप्रैल 2026 में की गई थी। वह जुलाई 2026 में आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभालेंगी। यह ऐतिहासिक कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) में नेतृत्व में फेरबदल हो रहा है और वह लैंगिक प्रतिनिधित्व से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहा है।

सुसान कोयल कौन हैं?

लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कोयल अपने नए पद पर दशकों का अनुभव लेकर आई हैं। वह वर्तमान में ‘चीफ़ ऑफ़ जॉइंट कैपेबिलिटीज़’ के रूप में कार्यरत हैं। 1987 में सेना में शामिल होने के बाद से, उन्होंने कई वरिष्ठ कमांड पदों पर कार्य किया है।

उनके करियर की मुख्य उपलब्धियों में शामिल हैं:

  • रक्षा अभियानों में व्यापक नेतृत्व भूमिकाएँ
  • क्षमता विकास से जुड़ी रणनीतिक जिम्मेदारियों का अनुभव
  • सेना में लगभग चार दशकों की सेवा

उनकी नियुक्ति उन्हें न केवल पहली महिला सेना प्रमुख बनाती है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई सैन्य इतिहास में किसी भी सेवा शाखा का नेतृत्व करने वाली पहली महिला भी बनाती है।

ऑस्ट्रेलिया के रक्षा नेतृत्व में एक ऐतिहासिक बदलाव

इस नियुक्ति की घोषणा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने की। उन्होंने इसे देश के 125 साल के सैन्य इतिहास का एक निर्णायक क्षण बताया।

रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने भी इस कदम के प्रतीकात्मक महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में प्रतिनिधित्व की अहम भूमिका होती है।

यह बदलाव इन बातों का संकेत है:

  • समावेशी नेतृत्व की ओर बदलाव
  • रक्षा क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की पहचान
  • और सैन्य ढांचों के आधुनिकीकरण के प्रति प्रतिबद्धता

ऑस्ट्रेलियाई सेना में लैंगिक चुनौतियाँ

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलियाई सेना को लैंगिक मुद्दों को लेकर कड़ी जाँच का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप भी शामिल हैं।

हाल के घटनाक्रमों में ये शामिल हैं:

  • एक ‘क्लास-एक्शन’ मुकदमा (सामूहिक कानूनी कार्रवाई) ने व्यवस्थागत समस्याओं को उजागर किया है, और साथ ही कार्यस्थल की संस्कृति को बेहतर बनाने पर भी अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
  • हालांकि महिलाओं के लिए बराबर मौके पक्का करने की कई कोशिशें की गई हैं।
  • लीडरशिप में बदलाव को उन बड़े सुधारों के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है जिनका मकसद मिलिट्री को ज़्यादा सबको साथ लेकर चलने वाला और जवाबदेह बनाना है।

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल में महिलाएं: वर्तमान स्थिति

वर्तमान में, ऑस्ट्रेलियाई सेना में महिलाएं कुल ADF कार्यबल का लगभग 21% हिस्सा हैं। इसके अलावा, लगभग 18.5% महिलाएं वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्यरत हैं।

सरकार ने 2030 तक महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर 25% करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो विविधता और समावेशन के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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vikash

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