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नवजात शिशुओं की मौत को रोकने हेतु विशेष उपकरण ‘सांस’ का इस्तेमाल करेगा असम

 

असम सरकार नवजात शिशुओं को होने वाली सांस संबंधी समस्या से निजात दिलाने के लिए अपने अस्पतालों में एक विशेष उपकरण का इस्तेमाल करेगी। सरकार ने इस योजना पर काम करने के लिए बेंगलुरु के एक स्टार्टअप से हाथ मिलाया है। सरकार ने ‘सांस’ नाम के इस उपकरण के इस्तेमाल का निर्णय एक प्रायोगिक परियोजना के सफल होने के बाद लिया है। इस साझेदारी से नवजात शिशुओं की मौत की वर्तमान दर को कम करने और राज्य में आवश्यक ढांचागत सहयोग की जरूरत को संबोधित करने में मदद मिलेगी।

मुख्य बिंदु

  • ‘सांस’ एक पोर्टेबल नियोनेटल कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयर प्रेशर (सीपीएपी) प्रणाली है, जो अस्पताल में शिशुओं को सांस लेने में मदद कर सकता है और इसे यात्रा के वक्त भी लगाया जा सकता है।
  • सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलीक्यूलर प्लेटफॉर्म (सी-कैंप) में स्थापित ‘इनएक्सेल टेक्नोलॉजीज’ ने असम में नवजात शिशुओं एवं बच्चों की सांस संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इस मशीन के विकास को लेकर ‘समृद्ध हेल्थकेयर ब्लेंडेड फाइनैंस फैकल्टी’ के साथ हाथ मिलाया है।
  • समृद्ध अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएड) द्वारा समर्थित और आईपीई ग्लोबल द्वारा क्रियान्वित एक बहु-हितधारक नवाचार और वित्तपोषण मंच है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • असम की राजधानी: दिसपुर
  • असम के मुख्यमंत्री: डॉ हिमंत बिस्वा सरमा
  • असम के राज्यपाल: प्रो जगदीश मुखी

 

 

 

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vikash

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