Categories: State In News

उत्तराखंड में एशिया के सबसे बड़े 4-मीटर लिक्विड मिरर टेलीस्कोप का उद्घाटन किया गया

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),  कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में उत्तराखंड के देवस्थल में एशिया के सबसे बड़े 4-मीटर अंतर्राष्ट्रीय लिक्विड मिरर टेलीस्कोप का उद्घाटन किया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज- एआरईईएस) ने घोषणा की कि विश्व स्तरीय 4-मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएमएलटी ) अब सुदूर एवं गहन आकाशीय अंतरिक्ष का पता लगाने के लिये तैयार है। इसने मई 2022 के दूसरे सप्ताह में अपना पहला प्रकाश प्राप्त किया। यह दूरदर्शी (टेलीस्कोप) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान, एआरईईएस उत्तराखंड (भारत) के नैनीताल ज़िले में देवस्थल स्थित वेधशाला परिसर में 2450 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आईएमएलटी के सहयोग में भारत के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एआरईईएस), बेल्जियम के लीज विश्वविद्यालय और बेल्जियम की रॉयल वेधशाला, पोलैंड की पॉज्नान वेधशाला, उज्बेक विज्ञान अकादमी के उलुग बेग खगोलीय संस्थान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय एवं ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय, लवल विश्वविद्यालय, मॉन्ट्रियल विश्वविद्यालय, टोरंटो विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और कनाडा में विक्टोरिया विश्वविद्यालय के शोधकर्त्ता शामिल हैं। इस टेलिस्कोप को एडवांस्ड मैकेनिकल एंड ऑप्टिकल सिस्टम्स (एएमओएस) कॉर्पोरेशन और बेल्जियम में सेंटर स्पैटियल डी लीज द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया था।

गौरतलब है कि आईएलएमटी पहला ऐसा तरल दर्पण टेलीस्कोप है जिसे विशेष रूप से खगोलीय अवलोकन के लिये डिजाइन किया गया है और यह वर्तमान में देश में उपलब्ध सबसे बड़ा एपर्चर टेलीस्कोप है साथ ही यह भारत में पहला ऑप्टिकल सर्वेक्षण टेलीस्कोप भी है। आईएलएमटी को हर रात इसके ऊपर से गुजरने वाली आकाश की पट्टी का सर्वेक्षण करने के लिये डिजाइन किया गया है, जिससे सुपरनोवा, गुरुत्वाकर्षण लेंस, अंतरिक्ष मलबे और क्षुद्रग्रहों जैसी क्षणिक या परिवर्तनीय आकाशीय वस्तुओं का पता लगाने में सहायता मिलती है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

 

  • उत्तराखंड की स्थापना: 9 नवंबर 2000;
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री: पुष्कर सिंह धामी;
  • उत्तराखंड आधिकारिक पेड़: रोडोडेंड्रोन अर्बोरियम;
  • उत्तराखंड की राजधानियाँ: देहरादून (सर्दी), गैरसैंण (गर्मी)।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Gujarat UCC Bill 2026 पास: समान नागरिक संहिता लागू करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात

भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार ने राज्य विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी)…

10 seconds ago

Goldman Sachs की चेतावनी: 2026 में भारत की ग्रोथ धीमी, बढ़ सकते हैं रेट

वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs ने भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान को 2026…

16 hours ago

Delhi Green Budget 2026: बढ़ते प्रदूषण पर सख्त कदम, जानें क्या है खास

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को वर्ष 2026-27 का बजट पेश…

17 hours ago

विश्व टीबी दिवस 2026: तिथि, विषय, इतिहास, महत्व और चुनौतियाँ

विश्व टीबी दिवस (World TB Day) हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। वर्ष…

18 hours ago

अंतरराष्ट्रीय सत्य का अधिकार दिवस 2026: न्याय, स्मृति और मानव गरिमा का महत्व

अंतरराष्ट्रीय सत्य के अधिकार दिवस (International Day for the Right to Truth) हर वर्ष 24…

19 hours ago