केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में फरीदाबाद के ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) में एशिया के पहले स्वास्थ्य अनुसंधान संबंधी “प्री-क्लिनिकल नेटवर्क फेसिलिटी” का उद्घाटन किया। यह संस्थान, जिसे इपिडेमिक प्रिपर्डनेस इनोवेशन्स (सेपीआई) ने चुना है, एशिया की पहली और वैश्विक रूप से 9वीं सुरक्षात्मक स्तर (BSL3) के पैथोजेन्स को संभालने वाली सुविधा के रूप में महत्वपूर्ण है।
यह सुविधा भारत की सबसे बड़ी छोटे पशुओं के आवासन क्षमता में से एक है, जो प्रायोगिक अनुसंधान में इम्यून-कंप्रोमाइज़्ड माउस और विभिन्न प्रजातियों पर अनुसंधान को समर्थन प्रदान करती है। साथ ही, “जेनेटिकली डिफाइंड ह्यूमन एसोसिएटेड माइक्रोबियल कल्चर कलेक्शन (जी-ह्यूमिक)” सुविधा के उद्घाटन से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जीवनु-अनुसंधान में बढ़ावा देने का उद्देश्य है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने THSTI के 14 साल के सफर में प्राप्त उपलब्धियों पर ध्यान दिया और इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को COVID-19 महामारी के दौरान उठाया। उन्होंने जीवविज्ञान विभाग के योगदानों को भी महत्व दिया।
संस्थान स्वास्थ्य देखभाल नवाचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अत्याधुनिक अनुसंधान, दवा और वैक्सीन उम्मीदवारों पर अनुवाद संबंधी अध्ययन और शैक्षणिक और औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा।
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