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एशियाई विकास बैंक ने अहमदाबाद के पेरी-शहरी क्षेत्रों में सुधार के लिए 181 मिलियन डॉलर का निवेश किया

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत के गुजरात राज्य के शहर अहमदाबाद के आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 181 मिलियन डॉलर के ऋण को हरी झंडी दे दी है। इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते इन क्षेत्रों में शहरी जीवन स्थितियों और गतिशीलता में सुधार करना है।

 

शहरी विस्तार पर नियंत्रण

  • इस परियोजना का एक मुख्य लक्ष्य शहरी विस्तार को नियंत्रित करना है।
  • यह एक नियोजन दृष्टिकोण है जिसका उपयोग अन्य राज्यों में भी किया जा सकता है। यह शहरों और उनके आसपास के क्षेत्रों के विकास को प्रबंधित करने में सहायता प्रदान करता है।

 

बुनियादी ढांचे का उन्नयन

अहमदाबाद पेरी-अर्बन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में अनेकों सुधार सम्मिलित होंगे:

  • जल वितरण: 166 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा।
  • स्टॉर्मवाटर ड्रेनेज : 126 किलोमीटर लंबी क्लाइमेट-रिज़िल्यन्ट स्टॉर्मवाटर ड्रेनेज प्रणालियाँ बनाई जाएंगी।
  • सीवरेज: 300 किलोमीटर सीवरेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
  • सीवेज ट्रीटमेंट: चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

 

बेहतर कनेक्टिविटी

  • यह परियोजना अहमदाबाद शहर के पेरी-शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी सुधार करेगी।
  • इसमें चालू सरदार पटेल रिंग रोड के साथ 10 जंक्शनों को बढ़ाना सम्मिलित है।

 

जनसंख्या के लिए लाभ

औद्योगिक विकास और श्रमिकों के प्रवासन के कारण पेरी-शहरी क्षेत्रों में अक्सर उच्च जनसंख्या वृद्धि का अनुभव होता है। इन श्रमिकों और निवासियों को अक्सर बुनियादी शहरी सेवाओं तक पहुंच का अभाव होता है। इस प्रोजेक्ट से निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • शहरी गरीब: यह कम आय वाले लोगों के लिए सेवाओं और शहरी प्रशासन में सुधार करेगा।
  • महिलाएँ: इसका उद्देश्य महिलाओं को समान अवसर प्रदान करना है।
  • प्रवासी श्रमिक: इन बेहतर सेवाओं से अन्य स्थानों से आने वाले श्रमिकों को भी लाभ होगा।

 

क्षमता एवं जागरूकता का निर्माण

एडीबी न केवल धन बल्कि निपुणता भी प्रदान कर रहा है। इससे स्थानीय शहरी विकास प्राधिकरणों की क्षमता को मजबूत करने में सहायता प्राप्त होगी। इसमें निम्नलिखित बिन्दु सम्मिलित होंगे :

  • प्रौद्योगिकी-आधारित योजना: जलवायु परिवर्तन और आपदाओं से निपटने सहित बेहतर शहरी नियोजन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।
  • पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा उपाय: यह सुनिश्चित करना कि विकास पर्यावरण के अनुकूल और सामाजिक रूप से समावेशी हो।
  • लैंगिक समानता: सभी लिंगों के लिए समान अवसरों को बढ़ावा देना।

 

वित्तीय नियोजन एवं प्रशिक्षण

  • सरकारी एजेंसियों को वित्तीय योजना और बुनियादी ढांचा संपत्तियों के प्रबंधन में सहायता प्राप्त होगी।
  • समुदायों को जल संरक्षण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
  • जल आपूर्ति कार्यों के प्रबंधन के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त, उपचारित सीवेज को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से औद्योगिक उपयोग के लिए पुनर्चक्रित किया जाएगा।

 

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vikash

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