परियोजना का तत्काल उद्देश्य सभी प्रमुख हथियारों के लिए एक सूची बनाना है ताकि सेनाओं को 30 दिनों के युद्ध से लड़ने में सक्षम बनाया जा सके, जबकि दीर्घकालिक उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करना है. युद्धोपकरण की मात्रा के मामले में सेना ने अगले 10 वर्षों के लिए एक विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है.
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