अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया है। यह एक संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास था, जिसमें भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपसी समन्वय और युद्धक्षेत्र में प्रभावशीलता को बढ़ाना था। इसमें लाइव आर्टिलरी फायरिंग और व्यावहारिक युद्ध अभ्यास शामिल किए गए, जिससे गैर-तोपखाना (नॉन-आर्टिलरी) बलों को भी अग्नि-शक्ति के एकीकरण की समझ मिल सके। यह पहल संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बलों के बीच संयुक्तता (Jointness) और त्वरित परिचालन प्रतिक्रिया पर भारत के बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

अभ्यास अग्नि परीक्षा क्या है?

  • अभ्यास अग्नि परीक्षा भारतीय सेना और ITBP का एक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है।
  • इसका उद्देश्य युद्ध जैसी परिस्थितियों में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
  • यह अभ्यास अपनी तरह का पहला माना जा रहा है, क्योंकि इसमें गैर-तोपखाना कर्मियों को भी सीधे आर्टिलरी फायरिंग अभ्यास में शामिल किया गया।
  • साझा संचालन प्रक्रियाओं और युद्ध तकनीकों के माध्यम से यह अभ्यास वास्तविक तैनाती के दौरान, विशेषकर उच्च हिमालयी और सीमावर्ती क्षेत्रों में, निर्बाध सहयोग सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

स्थान और भाग लेने वाली इकाइयाँ

  • यह अभ्यास अरुणाचल प्रदेश में आयोजित किया गया, जो रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य है।
  • इसमें स्पीयर कोर, आर्टिलरी रेजिमेंट, इन्फैंट्री बटालियन और ITBP की इकाइयों के जवान शामिल हुए।
  • स्पीयरहेड गनर्स ने प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • इस क्षेत्र का चयन इसलिए किया गया ताकि सैनिक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) और अन्य संवेदनशील सीमाओं जैसी वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में खुद को ढाल सकें।

अभ्यास के उद्देश्य और लक्ष्य

  • अभ्यास अग्नि परीक्षा का मुख्य उद्देश्य इन्फैंट्री और ITBP कर्मियों को आर्टिलरी प्रक्रियाओं से परिचित कराना था।
  • प्रतिभागियों को समन्वय तंत्र, फायर मिशन निष्पादन और युद्ध के दौरान संचार प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया।
  • अभ्यास ने यह समझ विकसित करने पर जोर दिया कि कैसे आर्टिलरी की अग्नि-शक्ति ज़मीनी बलों को समर्थन देती है।
  • विशेषज्ञों की निगरानी में गैर-तोपखाना बलों को स्वतंत्र रूप से फायरिंग अभ्यास कराने से फायरपावर इंटीग्रेशन और संयुक्त परिचालन तैयारियों को नई मजबूती मिली।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

1 hour ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

1 hour ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

2 hours ago

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

2 hours ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

2 hours ago

2025 में भारत कैसे बना वैश्विक शहरी विकास का प्रमुख इंजन?

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भारत वैश्विक शहरी विकास के…

3 hours ago