आर्मेनिया और अज़रबैजान ने लगभग चार दशकों से चले आ रहे नागोर्नो-कराबाख संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति संधि के मसौदे पर सहमति बना ली है। यह समझौता 13 मार्च 2025 को अंतिम रूप दिया गया, जिससे दक्षिण काकेशस क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हालांकि, अज़रबैजान ने संधि पर हस्ताक्षर करने से पहले आर्मेनिया के संविधान में संशोधन की मांग की है, जिससे इसकी आधिकारिक स्वीकृति की समय-सीमा पर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस समझौते से दक्षिण काकेशस में दीर्घकालिक शांति स्थापित होने की उम्मीद है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में अभी भी कई राजनीतिक और संवैधानिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
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