
देश में भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा वर्ष 2017 से प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को हमारे बहादुर सेना नायकों और पूर्व सैनिकों की राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा और बलिदान के सम्मान में पूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) मनाया जाता है। शुरुआत में इसे आर्मिस्टिस डे कहा जाता था। भारत के इतिहास में ऐसे में इन तीनों सेना के सैनिकों ने भारत के लिए अनगिनत बलिदान भी दिए है। जो सेवामुक्त है उन्हें वेटेरन कहा जाता है, इन वेटेरन का योगदान भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में हर साल उनके योगदान को सहारने के लिए त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस का आयोजन हर साल किया जाता है।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
यह दिन भारतीय सशस्त्र सेनाओं के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा, ओबीई के सेना में दिए गए अतुलनीय योगदान की याद में हर साल मनाया जाता है। फील्ड मार्शल करियप्पा 1953 में इसी दिन यानि 14 जनवरी 1953 को सेवानिवृत्त हुए थे। त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस हर साल 14 जनवरी को पूर्व सैनिकों के योगदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।



GDP बेस ईयर अपडेट के बाद सरकार ने फिस्कल...
ICC महिला ODI रैंकिंग: स्मृति मंधाना नंब...
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने IAF C-130J MRO...

