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अर्जुन मुंडा ने देहरादून में चौथे EMRS राष्ट्रीय सांस्कृतिक और साहित्यिक उत्सव एवं कला उत्सव-2023 का उद्घाटन किया

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में 3 अक्टूबर, 2023 को चौथे ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक और साहित्यिक उत्सव एवं कला उत्सव-2023 का उद्घाटन किया। इसका आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय के अन्तर्गत जनजातीय छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा सोसायटी (एनईटीएस) ने किया है और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में एकलव्य विद्यालय संगठन समिति (ईवीएसएस), उत्तराखंड इसकी मेजबानी कर रहा है।

 

जनजातीय प्रतिभा का जश्न

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) सांस्कृतिक उत्सव आदिवासी छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छिपी प्रतिभा दिखाने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। इस वर्ष चार दिवसीय कार्यक्रम (3-6 अक्टूबर) में 22 राज्यों के 2000 से अधिक आदिवासी छात्र प्रदर्शन करेंगे। इस उत्सव में 20 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नृत्य और गीत प्रदर्शन से लेकर प्रश्नोत्तरी एवं दृश्य कला आदि शामिल हैं। आदिवासी संस्‍कृ‍ति को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न राज्यों के स्टालों की व्यवस्था की गई है।

 

जनजातीय संस्कृति का एक प्रदर्शन

इस तरह के आयोजन ईएमआरएस के बच्चों एवं शिक्षकों को एक-दूसरे से मिलने, देश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृतियों को समझने और सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की कल्पना को पूरा करते हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान, जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और एनईएसटीएस के आयुक्त डॉ. नवल जीत कपूर ने ईएमआरएस योजना के बारे में जानकारी दी। उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के आदिवासी समुदायों और ईएमआरएस के छात्रों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

 

संस्कृति और एकता का जश्न मनाना

ईएमआरएस में शिक्षा प्राप्त करने वाले आदिवासी छात्रों के लिए ‘ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव’ हर साल सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम है। एनईएसटीएस पूरे भारत में अनुसूचित जनजातियों के लिए ईएमआरएस चला रहा है। ईएमआरएस योजना जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है और इसे वर्ष 2018-19 में नया रूप दिया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूर-दराज के आदिवासी इलाकों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

 

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vikash

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