भारतीय जलवायु कार्यकर्ता, अर्चना सोरेंग को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने नए सलाहकार समूह में शामिल किया है, जिसमें युवा नेता शामिल हैं जो बिगड़ते जलवायु संकट से निपटने के लिए दृष्टिकोण और समाधान प्रदान करेंगे, वैश्विक निकाय कोविड-19 से उबरने के प्रयासों के तहत जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में कार्य को गति देने के प्रयास कर रहा है.
इस कदम के साथ अर्चना सोरेंग दुनिया भर के छह अन्य युवा जलवायु नेताओं में शामिल हो जाती हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जलवायु परिवर्तन पर अपने नए युवा सलाहकार समूह में जगह दी है. अर्चना को वकालत और अनुसंधान का अनुभव है, और वह स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक प्रथाओं को दस्तावेज, संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं
महासचिव के युवा सलाहकार समूह :
जलवायु परिवर्तन पर महासचिव के युवा सलाहकार समूह के सदस्य सभी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे द्वीप राज्यों के युवाओं की विविध आवाजों का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे जलवायु परिवर्तन, विज्ञान से लेकर सामुदायिक जुड़ाव, उद्यमशीलता से लेकर राजनीति और उद्योग से लेकर संरक्षण तक के दृष्टिकोण और समाधान पेश करेंगे. 18 से 28 वर्ष के बीच की आयु वाले युवा कार्यकर्ता, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को नियमित रूप से वैश्विक कार्रवाई और जलवायु संकट से निपटने की महत्वाकांक्षा में तेजी लाने की सलाह देंगे.
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]साउथ इंडियन बैंक (South Indian Bank) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation)…
अंतरराष्ट्रीय रेल कोच एक्सपो 2026 (International Rail Coach Expo 2026) का उद्घाटन 12 मार्च 2026…
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) की 22वीं किस्त जारी कर दी…
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के…
Lpg crisis in india reason: भारत वर्तमान में एक महत्वपूर्ण LPG कमी का सामना कर…
भारत घरेलू सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण को मजबूत करने और वैश्विक सेमीकंडक्टर केंद्र बनने के लक्ष्य…