मिसाइल मैन के नाम से मशहूर देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज 9वीं पुण्यतिथि है। डॉ. कलाम महान वैज्ञानिक होने के साथ महान विचारक और लेखक भी थे। उनका पूरा जीवन आज के युवाओं के लिए एक शिक्षा की तरह है।
अब्दुल कलाम ने देश का सर्वोच्च पद प्राप्त किया, लेकिन फिर भी वो हमेशा जमीन से जुड़े रहे। उनका स्वभाव बेहद सहज, सरल और विनम्र था। वे हमेशा खुद को एक वैज्ञानिक और शिक्षक की तरह ही देखा करते थे।
डॉ. कलाम ने भारत की अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे देश की सामरिक रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में उनके काम में एसएलवी-III परियोजना की देखरेख शामिल है, जिसने भारत के पहले उपग्रह रोहिणी को पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित किया।
डॉ. कलाम ने भारत के परमाणु हथियार परीक्षणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से 1998 में पोखरण-II परीक्षण, जिसने भारत के रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित किया।
हृदय रोग विशेषज्ञ सोमा राजू के साथ मिलकर डॉ. कलाम ने 1998 में किफायती “कलाम-राजू स्टेंट” और बाद में 2012 में “कलाम-राजू टैबलेट” विकसित किया, जिसका उद्देश्य दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना था।
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के भारत क्षेत्र के ज़ोन VII का सम्मेलन गोवा में संपन्न…
गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और…
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक मध्यम-अवधि का रणनीतिक ढाँचा लॉन्च किया है, जिसे 'उत्कर्ष…
मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरा है। इस…
तकनीकी प्रगति में एक बड़ी सफलता के तौर पर, अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने…
हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस' मनाया जाता है।…