आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने हरित निवेश आकर्षित करने के लिए यूएई का दौरा शुरू किया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तीन दिवसीय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना है — विशेषकर ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के क्षेत्रों में। दौरे के पहले दिन उन्होंने दुबई में शीर्ष भारतीय राजनयिकों और व्यवसायिक नेताओं से मुलाकात की, जिससे यह संकेत मिला कि आंध्र प्रदेश को एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने फिर से जोरदार कदम उठाए हैं।

भारत–यूएई संबंधों को सशक्त करने की पहल

  • मुख्यमंत्री नायडू ने अपनी यात्रा की शुरुआत में अबू धाबी में भारतीय दूतावास के चार्ज द’अफेयर्स ए. अमरनाथ और दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत सतीश शिवन से मुलाकात की।
  • उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के द्विपक्षीय संबंध पिछले एक दशक में उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुए हैं — विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में।
  • नायडू ने बताया कि आंध्र प्रदेश ने निवेशकों के लिए प्रगतिशील और अनुकूल नीतियाँ अपनाई हैं, जिनका उद्देश्य वैश्विक कंपनियों और नवाचारकर्ताओं को आकर्षित करना है।
  • उन्होंने गूगल के आंध्र प्रदेश में निवेश को राज्य की तकनीकी और नवोन्मेष-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

मुख्य फोकस: ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटर

दुबई में आयोजित बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश को ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की अपनी महत्वाकांक्षा साझा की।
उन्होंने यूएई के निवेशकों को आमंत्रित किया कि वे —

  • सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करें

  • डेटा सेंटर विकास में साझेदारी करें, जहाँ आंध्र प्रदेश की समुद्री स्थिति और डिजिटल कनेक्टिविटी विशेष लाभ देती है

  • अमरावती और विशाखापत्तनम में स्मार्ट सिटी और बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में भाग लें

यह पहल भारत की सतत विकास (Sustainable Development) और हरित परिवर्तन (Green Transition) की नीति से मेल खाती है, जो देश के नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अमरावती पुस्तकालय के लिए ₹100 करोड़ का योगदान

इस दौरे की एक प्रमुख उपलब्धि रही यूएई स्थित रियल एस्टेट उद्योगपति रवि पी.एन.सी. मेनन की ओर से ₹100 करोड़ का दान — जो अमरावती में विश्वस्तरीय सार्वजनिक पुस्तकालय (Public Library) की स्थापना के लिए दिया जाएगा।

यह पुस्तकालय एक आधुनिक ज्ञान केंद्र (Knowledge Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो छात्रों, शोधकर्ताओं और नागरिकों को समान रूप से लाभान्वित करेगा।
केरल मूल के मेनन, जो यूएई के शीर्ष रियल एस्टेट समूहों में से एक का नेतृत्व करते हैं, ने नायडू की शहरी और सामाजिक अवसंरचना के प्रति दूरदर्शी सोच की सराहना की।

यह पहल अमरावती के सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा देगी और शहर के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (Public Infrastructure) को और सुदृढ़ करेगी।

सारांश:
चंद्रबाबू नायडू की यह यूएई यात्रा आंध्र प्रदेश के लिए विदेशी निवेश, हरित विकास और ज्ञान-आधारित समाज की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है —जो राज्य को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त करेगी, बल्कि भारत–यूएई साझेदारी को भी नए रणनीतिक स्तर पर ले जाएगी।

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vikash

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