दक्षिण भारत का यह बंदरगाह भारत की पहली एंटी-ड्रोन प्रणाली के साथ रचा इतिहास

भारत ने बंदरगाह और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण देश का पहला ऐसा बंदरगाह बन गया है, जहाँ उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की गई है। ड्रोन से बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण बंदरगाह अवसंरचना और परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। यह कदम समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी और उभरते हवाई खतरों के प्रति भारत की बढ़ती सतर्कता और तैयारी को दर्शाता है।

वीओसी पोर्ट पर उन्नत काउंटर-ड्रोन तकनीक

वी.ओ. चिदंबरनार (VOC) पोर्ट की एंटी-ड्रोन प्रणाली रेडियो फ़्रीक्वेंसी (RF) और रडार-आधारित तकनीकों का एकीकृत उपयोग करती है, जिसे विशेष रूप से जटिल बंदरगाह परिवेश के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली 360 डिग्री सर्वदिशात्मक कवरेज प्रदान करती है और इसकी परिचालन सीमा 5 किलोमीटर तक है। इसमें ड्रोन डिटेक्टर, ड्रोन डिटेक्शन रडार और मैन-पैक जैमर शामिल हैं, जो मिलकर एक त्वरित-तैनाती और व्यापक सुरक्षा समाधान बनाते हैं। यह बहु-स्तरीय तकनीक संवेदनशील परिचालन क्षेत्रों की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करती है।

रियल-टाइम पहचान और निष्क्रिय करने की क्षमता

VOC पोर्ट एंटी-ड्रोन सिस्टम की प्रमुख विशेषता इसकी अनधिकृत ड्रोन की रियल-टाइम पहचान, ट्रैकिंग, वर्गीकरण और निष्क्रिय करने की क्षमता है। इससे बंदरगाह की परिसंपत्तियों, कर्मियों, कार्गो और चल रहे परिचालनों की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेज़र समाधान के रूप में विकसित यह प्रणाली तटीय और समुद्री क्षेत्रों में हवाई खतरों से निपटने की भारत की क्षमता को मजबूत करती है, जिससे जासूसी, तोड़फोड़ या दुर्घटनाओं के जोखिम कम होते हैं।

परियोजना समझौता और कार्यान्वयन समयसीमा

इस परियोजना का समझौता पोर्ट प्राधिकरण और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के बीच हुआ है, जो भारत सरकार का उपक्रम है और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के अधीन कार्य करता है। यह प्रणाली तीन महीनों के भीतर पूर्ण रूप से परिचालन में आने की उम्मीद है। समझौता हस्ताक्षर समारोह में चेयरमैन सुसांत कुमार पुरोहित और उपाध्यक्ष राजेश साउंडराजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बंदरगाहों के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम क्यों आवश्यक हैं

बंदरगाह व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और रणनीतिक कार्गो को संभालने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा हैं। कम लागत वाले ड्रोन के बढ़ते उपयोग ने नए सुरक्षा जोखिम पैदा किए हैं। VOC पोर्ट की एंटी-ड्रोन प्रणाली अनधिकृत हवाई निगरानी और घुसपैठ को रोककर इन जोखिमों का समाधान करती है। विशेषज्ञ इसे आधुनिक समुद्री शासन के लिए आवश्यक मानते हैं, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर स्थित बंदरगाहों के लिए।

राष्ट्रीय समुद्री दृष्टि के साथ तालमेल

यह तैनाती मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और अमृत काल विज़न 2047 के अनुरूप है, जो सुरक्षा, लचीलापन और तकनीकी उन्नति पर ज़ोर देते हैं। उन्नत वायुक्षेत्र निगरानी, बेहतर आपात प्रतिक्रिया और विकसित होते तटीय रक्षा मानकों के अनुपालन से VOC पोर्ट सुरक्षा नवाचार का एक आदर्श मॉडल बनेगा। यह पहल भारत की समुद्री परिसंपत्तियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

पृष्ठभूमि: VOC पोर्ट

वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन (Thoothukudi) में स्थित भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है। यह कार्गो हैंडलिंग, ऊर्जा आयात और क्षेत्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरंतर आधुनिकीकरण और सुरक्षा उन्नयन ने इसे भारत के समुद्री नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र बनाया है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत का पहला पूरी तरह से डिजिटल FPI लाइसेंस जारी किया

भारत के वित्तीय बाज़ारों ने डिजिटल दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। कोटक महिंद्रा…

15 mins ago

अप्रैल 2026 से बैंक जोखिम के आधार पर जमा बीमा प्रीमियम का भुगतान

बैंक अब 01 अप्रैल 2026 से एक समान जमा बीमा प्रीमियम का भुगतान नहीं करेंगे।…

38 mins ago

केरल के बाद इस तटीय राज्य ने शुरू किया भारत का दूसरा व्यापक पक्षी एटलस

गोवा ने जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 7 फरवरी…

2 hours ago

छह महीनों में 50 लाख उपयोगकर्ता: FASTag वार्षिक पास की सफलता की कहानी

FASTag वार्षिक पास ने लॉन्च के मात्र छह महीनों के भीतर एक बड़ी उपलब्धि हासिल…

4 hours ago

अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगा 25% टैरिफ हटाया

संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाए गए अतिरिक्त…

4 hours ago

आंध्र प्रदेश अमरावती क्वांटम वैली परियोजना शुरू करने के लिए तैयार

आंध्र प्रदेश सरकार 7 फरवरी 2026 को महत्वाकांक्षी अमरावती क्वांटम वैली (AQV) परियोजना की शुरुआत…

5 hours ago