विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) ‘SARAL AI’ नामक एक AI-संचालित प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म जटिल शोध प्रकाशनों को 18 भारतीय भाषाओं में सरल और आसानी से समझ में आने वाली सोशल मीडिया सामग्री में बदलेगा। यह वैज्ञानिक नवाचार और आम जनता के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगा।
SARAL AI को वैज्ञानिक रिसर्च को आसान बनाने और उसे ऐसे फ़ॉर्मेट में पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिन्हें आम यूज़र्स आसानी से समझ सकें।
SARAL AI की मुख्य विशेषताएँ
इसका मकसद यह पक्का करना है कि जटिल तकनीकी विकास को वे लोग भी समझ सकें जो इस क्षेत्र के विशेषज्ञ नहीं हैं, और विज्ञान को ज़्यादा प्रासंगिक और असरदार बनाया जा सके।
भारत में अनुसंधान का इकोसिस्टम तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन कुछ ज्ञान अभी भी केवल अकादमिक दायरे तक ही सीमित है।
SARAL AI इस कमी को इन तरीकों से दूर करता है:
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) भारत के अनुसंधान परिदृश्य को बदलने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:
भारत में अनुसंधान करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ANRF ने कई सुधार लागू किए हैं, जैसे:
इसके अलावा, इसने PM-ECRG लाइटनिंग टॉक सीरीज़ भी शुरू की है, जिसके ज़रिए शोधकर्ता अपने काम को संक्षेप में प्रस्तुत कर सकते हैं।
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