आंध्र प्रदेश में बनेगा स्पेस सिटी और रक्षा केंद्र

आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति में एक स्पेस सिटी और मदकासिरा में दो प्रमुख रक्षा निर्माण केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इन परियोजनाओं में कुल ₹3,400 करोड़ का निवेश होगा, जिससे राज्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और रक्षा विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

तिरुपति में स्पेस सिटी

सरकार ने हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप स्कायरूट एयरोस्पेस (जिसकी स्थापना पूर्व इसरो वैज्ञानिकों ने की थी) के साथ साझेदारी की है।

मुख्य बिंदु:

  • निवेश: ₹400 करोड़

  • फोकस: निजी उपग्रह प्रक्षेपण और किफायती छोटे प्रक्षेपण यान (small launch vehicles) का विकास

  • स्थान का लाभ: तिरुपति पहले से ही इसरो के प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स का घर है, इसलिए एकीकृत प्रक्षेपण सुविधाएँ बनाने के लिए यह प्राकृतिक विकल्प है।

यह पहल आंध्र प्रदेश को निजी उपग्रह प्रक्षेपण का वैश्विक खिलाड़ी बनाने की दिशा में मदद करेगी और भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका के साथ मेल खाएगी।

मदकासिरा में रक्षा हब

साथ ही, राज्य मदकासिरा में दो रक्षा निर्माण केंद्र विकसित करेगा, जिनमें कुल ₹3,000 करोड़ का निवेश होगा।

मुख्य बिंदु:

  • एयरोस्पेस घटकों, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और हथियार प्रणालियों का निर्माण

  • स्थानीय युवाओं के लिए हजारों नौकरियों का सृजन

  • राष्ट्रीय रक्षा कॉरिडोर परियोजनाओं से जुड़ाव, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी

  • घरेलू एमएसएमई और वैश्विक रक्षा निर्माताओं के साथ साझेदारी को आकर्षित करना

सरकार का दृष्टिकोण और रणनीतिक महत्व

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ये परियोजनाएँ आंध्र प्रदेश की महत्वाकांक्षा को दर्शाती हैं:

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग आर्थिक विकास के लिए करना

  • निजी अंतरिक्ष उद्यमों के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना तैयार करना

  • भारत के आत्मनिर्भर भारत मिशन को रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में मजबूत करना

यह पहल निर्यात को बढ़ावा देगी, विदेशी निवेश आकर्षित करेगी और स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और विनिर्माण क्लस्टरों का एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगी।

परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य

  • परियोजना 1: तिरुपति में स्पेस सिटी

  • परियोजना 2: मदकासिरा में दो रक्षा हब

  • निवेश (रक्षा हब): ₹3,000 करोड़

  • कुल निवेश: ₹3,400 करोड़

  • फोकस: रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और हथियार निर्माण

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vikash

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