MIT में पहली बार भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर बने प्रोवोस्ट

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रोफेसर अनंता चंद्रकासन को अपना अगला प्रोवोस्ट नियुक्त किया है, जिससे वे इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाले पहले भारतीय मूल के शिक्षाविद बन गए हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले चंद्रकासन 1 जुलाई 2025 से यह कार्यभार ग्रहण करेंगे। वे सिंथिया बार्नहार्ट का स्थान लेंगे और इस भूमिका में MIT के शैक्षणिक मामलों, वित्तीय योजना और रणनीतिक पहलों का नेतृत्व करेंगे।

क्यों है यह खबर में?

यह ऐतिहासिक नियुक्ति वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है क्योंकि भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक और प्रशासक अनंता चंद्रकासन अब MIT के प्रोवोस्ट पद पर आसीन होंगे — जो विश्वविद्यालय के शीर्ष शैक्षणिक प्रशासनिक पदों में से एक है। यह नियुक्ति MIT की वैश्विक उत्कृष्टता और नेतृत्व में विविधता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अनंता चंद्रकासन कौन हैं?

  • जन्म: चेन्नई, भारत

  • स्थानांतरण: किशोरावस्था में अमेरिका गए

शैक्षणिक पृष्ठभूमि:

  • B.S. (1989), M.S. (1990), Ph.D. (1994) – इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंसेज़, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले

  • वर्तमान भूमिका: डीन, MIT स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग (2017 से)

  • नई भूमिका: प्रोवोस्ट, MIT (1 जुलाई 2025 से)

शोध कार्य और योगदान:

प्रमुख समूह: एनर्जी-एफिशिएंट सर्किट्स एंड सिस्टम्स ग्रुप, MIT
मुख्य शोध क्षेत्र:

  • ऊर्जा-कुशल हार्डवेयर और सर्किट

  • अल्ट्रा-लो-पावर बायोमेडिकल डिवाइसेज़

  • एनर्जी हार्वेस्टिंग सिस्टम्स

  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के लिए वायरलेस चार्जिंग

  • सुरक्षित हार्डवेयर डिज़ाइन

MIT में प्रमुख अकादमिक पहलों का नेतृत्व:

  • निदेशक, माइक्रोसिस्टम्स टेक्नोलॉजी लेबोरेट्रीज़ (MTL)

  • EECS विभागाध्यक्ष (2011) के रूप में शुरू की गई प्रमुख पहलें:

    • SuperUROP: उन्नत स्नातक शोध कार्यक्रम

    • Rising Stars: महिलाओं को अकादमिक क्षेत्र में प्रोत्साहन

    • Postdoc6: पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं के लिए व्यावसायिक विकास

    • StartMIT: उद्यमिता बूट कैंप

सम्मान और पुरस्कार:

  • IEEE फेलो

  • 2015: नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के लिए चयनित

  • 2009: सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन यूनिवर्सिटी रिसर्चर अवॉर्ड

  • 2013: IEEE डोनाल्ड ओ. पीडरसन अवॉर्ड इन सॉलिड-स्टेट सर्किट्स

  • 2016: KU Leuven (बेल्जियम) से मानद डॉक्टरेट

  • 2017: UC बर्कले EE डिस्टिंग्विश्ड एलुमनी अवॉर्ड

  • IEEE ISSCC (इंटरनेशनल सॉलिड-स्टेट सर्किट्स कॉन्फ्रेंस) में 60 वर्षों में सबसे ज़्यादा शोधपत्र प्रकाशित करने का रिकॉर्ड

  • 2010 से ISSCC के कॉन्फ्रेंस चेयर

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago